पूर्वी एशिया को अस्थिर कर रहा है उत्तर कोरिया

मुलेन ने उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ कड़ा रुख अपनाया है.
अमरीका के शीर्ष सैन्य अधिकारी एडमिरल मार्क मुलेन का कहना है कि उत्तर कोरिया पूरे पूर्वी एशिया को अस्थायी करने की राह पर है.
उनका कहना था कि पिछले हफ्ते अमरीकी वैज्ञानिक सिगफ्राइड हैकर की उत्तर कोरिया यात्रा यह सिद्ध करती है कि उत्तर कोरिया को लेकर अमरीका की चिंताएं जायज़ थीं.
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सिगफ्राइड हैकर ने उत्तर कोरिया की यात्रा से लौटने के बाद न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि उन्हें उत्तर कोरिया ने हज़ारों की संख्या में सेंट्रीफ्यूज़ दिखाए जो उनके (उत्तर कोरिया) अनुसार परमाणु ऊर्जा के लिए यूरेनियम संवर्धन कर रहे थे.
अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि जब पिछले वर्ष उत्तर कोरिया ने अंतरराष्ट्रीय हथियार पर्यवेक्षकों को निकाला था तब यह संयंत्र नहीं था.
अभी ये साफ़ नहीं है कि परमाणु हथियारों का उत्पादन शुरु हुआ है या नहीं और ये भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या इन सेंट्रीफ्यूज़ों का इस्तेमाल हथियारों के लिए ज़रुरी यूरेनियम संवर्धन के उत्पादन में किया जाएगा.
असल में संवर्धित यूरेनियम का इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा पैदा करने के लिए हो सकता है और इसका इस्तेमाल शांतिपूर्ण कार्यों या हथियारों के उत्पादन में हो सकता है.
परमाणु वैज्ञानिक सीजफ्राइड हैकर का कहना था कि पिछले हफ्ते जब वो उत्तर कोरिया गए तो उन्हें एक नया और विशाल परमाणु संयंत्र दिखाया गया.
उन्होंने बताया कि उन्हें यूरेनियम संवर्धन में लगे सैकड़ों सैंट्रीफ़्यूज दिखाए गए जोकि परमाणु हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
हैकर ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि नये संयंत्र के परिष्करण और ख़ासियत को देखकर वे दंग रह गए.
हैकर से संबंधित न्यूयार्क टाइम्स की ये रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब उत्तर कोरिया के लिए वरिष्ठ अमरीकी दूत स्टीवन बॉसवर्थ उत्तर कोरिया के परमाणु क्रायक्रमों पर चर्चा के लिए एशिया की यात्रा पर रवाना हुए हैं, इस उम्मीद के साथ कि उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रमों पर रूकी हुई छह देशों की वार्ता को पटरी पर लाया जा सके.
हैकर ने बताया कि 2000 सैंट्रीफ्यूज वहां यूरेनियम संवर्धन के काम में लगे हैं, जिनकी वे तस्वीरें लेना चाहते थे लेकिन उन्हें तस्वीरें खींचने या ये रिपोर्ट करने की अनुमति नहीं दी गई कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु संयंत्र के लिए यूरेनियम संवर्धन का काम शुरू कर चुका है.
अमरीकी अधिकारियों का ये मानना है कि उत्तर कोरिया बम बनाने में इस्तेमाल होने वाले बेहद परिष्कृत संवर्धित यूरेनियम का उत्पादन करने में लगा हुआ है.
इस बात को लेकर भी अटकलें ज़ोर पकड़ रही हैं कि उत्तर कोरिया ने डॉ हैकर को इस समय नया संयंत्र दिखाने का फैसला क्यों किया.
एक क़यास ये है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को नई बारगेनिंग चिप के तौर पर ये संयंत्र दिखाकर सौदेबाज़ी के लिए आमंत्रित किया जाए और बाद में उस संयंत्र को ध्वस्त करने के लिए राज़ी होने का कोई ईनाम मिल सके.
दूसरी तरफ़ ये इस बात का संकेत भी बताया जा रहा है कि उत्तर कोरिया गंभीरता से अपने हथियार कार्यकर्मों में तेज़ी ला रहा है. बात चाहे जो भी हो, लेकिन ओबामा प्रशासन के विश्व परमाणु निशस्त्रीकरण के मकसद के लिए उत्तर कोरिया ने नई चुनौती तो सामने रख ही दी है.


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