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वर्ष 2014 के बाद अफ़ग़ानों को प्रशिक्षण और मदद: गेट्स

By Staff
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वर्ष 2014 के बाद अफ़ग़ानों को प्रशिक्षण और मदद: गेट्स
पिछले साल अमरीका ने 30,000 अतिरिक्त सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान में भेजना तय किया. अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि वर्ष 2014 के बाद अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी फ़ौजों का केवल एक अंश ही रह जाएगा जिसका काम प्रशिक्षण और मदद देना होगा.

ग़ौरतलब है कि पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में नैटो के एक सम्मेलन में वर्ष 2014 के अंत तक अफ़ग़ानिस्तान की सुरक्षा को अफ़ग़ान सेनाओं के सुपुर्द करने पर सहमति बनी है. सम्मेलन के बाद चिली में अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा, "हमने उस लक्ष्य को पाने की कोशिश की है जो राष्ट्रपति करज़ई ने रखा था. ये था कि वर्ष 2014 के अंत तक पूरे अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा की मुख्य ज़िम्मेदारी अफ़ग़ान सेनाओं की होगी."

नैटो का सहयोगी बना रूस

इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने लिस्बन सम्मेलन के दौरान कहा, "मेरा लक्ष्य है कि वर्ष 2014 तक हम इस बदलाव को पूरा करें और अफ़ग़ान सेनाएँ नेतृत्व करें. ये सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि जिस तरह से हम अब सैन्य अभियान चला रहे हैं हम उस समय भी इस तरह का अभियान न चला रहे हों."

ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने स्काई न्यूज़ को बताया, "वर्ष 2015 तक वहाँ ब्रितानी सैनिक बड़ी संख्या में नहीं होंगे और सैन्य अभियान नहीं चला रहे होंगे...हम चाहे सेना को प्रशिक्षण ही दे रहे हों लेकिन हम काफ़ी मदद कर रहे होंगे क्योंकि हम नहीं चाहते कि ये देश दोबारा अराजक स्थिति में पहुँचे जहाँ आतंकवादी अपने अड्डे बना सकें."

इससे पहले नैटो नेताओं के बीच हुई चर्चा के बाद नैटो महासचिव एनर्स फ़ो रासमुसेन और अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने अफ़ग़ानिस्तान में एक नई रणनीति पर हस्ताक्षर किए.

नैटो महासचिव ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा,"आज लिस्बन में हमने एक ऐसी प्रक्रिया की शुरूआत की है जिससे अफ़ग़ान लोग फिर से अपने घर के मालिक बन सकेंगे. अगले साल के आरंभ से कुछ ज़िलों और प्रांतों से, वहाँ की स्थिति के अनुसार, अफ़ग़ान सेना के हाथों में सुरक्षा की ज़िम्मेदारी सौंपी जानी शुरु होगी. लक्ष्य ये है कि 2014 के अंत तक सारे देश में सुरक्षा का नेतृत्व अफ़ग़ान सेना के ही हाथ में होगा."

लेकिन नैटो महासचिव ने साथ ही स्पष्ट किया कि नेटो अफ़ग़ानिस्तान में अपने उद्देश्य को लेकर प्रतिबद्ध है.

नैटो के अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने पर सहमति बनीं

उन्होंने कहा,"यदि अफ़ग़ानिस्तान के दुश्मन ये सोच रहे हैं कि वे बस प्रतीक्षा करें उस समय की जब हम यहाँ से बाहर चले जाएँ, तो वो ग़लत सोच रहे हैं.हम यहाँ तबतक रहेंगे जबतक कि हमारा काम ख़त्म नहीं हो जाता. वहीं अफ़ग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा कि नैटो ने अफ़ग़ान लोगों के जीवन में बदलाव लाने में बड़ी भूमिका अदा की है.

करज़ई ने कहा,"मैं अफ़ग़ान लोगों की ओर से आपका आभार प्रकट करता हूँ कि आपने ऐसी एक बैठक की जिससे कि अफ़ग़ान जनता का बेहतर भविष्य बन सकेगा जिससे कि आगे चलकर वो विश्व की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में सहयोग दे सकेंगे ना कि विश्व के लिए एक भार बने रहेंगे." लेकिन करज़ई ने साथ ही नैटो नेताओं से हमलों में आम लोगों के मारे जाने की घटनाओं को लेकर चिंता भी जताई.

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