प्रधानमंत्री पर भाजपा ने लगाया निष्क्रियता का आरोप (लीड-1)
प्रधानमंत्री और पूर्व दूरसंचार मंत्री राजा के बीच हुए तीन पत्र व्यवहार को जारी करते हुए प्रसाद ने प्रधानमंत्री द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम से संबंधित सभी दस्तावेजों को न मंगाए जाने और उन पर अपनी असंतुष्टि जाहिर न करने पर हैरानी जताई।
प्रसाद ने 26 दिसबंर 2007 को राजा द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र का हवाला देते हुए बताया कि राजा ने प्रधानमंत्री को लिखा था कि इस मामले में आगे किसी तरह की देरी और भ्रम से बचने के लिए वह 'अग्रिम निर्णय' लेंगे।
प्रवक्ता ने कहा, "जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजा ने किया है, उससे अनुमान लगाया जा सकता है।" उन्होंने कहा कि संसद में 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर कई बार बहस हो चुकी है और अब पार्टी सरकार से इस मामले में कार्रवाई चाहती है।
प्रसाद ने कहा, "प्रधानमंत्री की ईमानदारी की प्रशंसा करने से निष्क्रियता और उदासीनता के धब्बे धुल नहीं सकते।"
उन्होंने कहा, "यह मामला पूरी तरह स्पष्ट है कि चुप्पी की साजिश में प्रधानमंत्री पूरी तरह संलिप्त हैं। उनकी जानकारी में एक मंत्री नियमों का उल्लंघन करते हुए देश के धन को लूट रहा था और उन्होंने चुप्पी साध रखी थी।"
प्रसाद ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि देश को 1.76 लाख करोड़ रुपये के घोटाले में प्रधानमंत्री की भूमिका का बचाव करने के लिए कांग्रेस नेता सामने आ गए हैं।
प्रसाद ने बताया, "सीबीआई ने इस मामले की जांच अक्टूबर 2009 में करनी शुरू की और उसने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पाया है कि करीब 25,000 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।" उन्होंने कहा कि सीबीआई को दूरसंचार सचिव और अन्य प्रमुख अधिकारियों से पूछताछ करने की इजाजत क्यों नहीं दी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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