'करोड़पति' बेटी पर अब मां को है गर्व

गिरीडीह (झारखण्ड), 21 नवंबर (आईएएनएस)। लोकप्रिय कार्यक्रम 'कौन बनेगा करोड़पति' में एक करोड़ रुपये जीतने वाली झारखण्ड की राहत तस्लीम का कहना है कि बेटी पैदा होने के कारण उनकी मां खुद को अभागन समझती थीं लेकिन आज उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।

आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए पली बढ़ी 37 साल की राहत अपने बचपन को याद कर भावुक हो उठी। उसने कहा, "बेटी पैदा होने के कारण मेरी मां अपने आप को अभागन समझती थीं लेकिन आज उन्हें मुझ पर गर्व है।"

राहत ने आईएएनएस से कहा, "आप जानते हैं अब मैं सेलिब्रिटी हो गई हूं। मुझे कई कम्पनियों से अपने उत्पादों का ब्रांड एम्बेसडर बनने के लिए प्रस्ताव आ रहे हैं।"

"लेकिन मैं शिक्षक बनना चाहती हूं, शिक्षक बनने के लिए पात्रता उम्र निकल चुकी है लेकिन यदि झारखण्ड सरकार मुझे शिक्षण का काम दे तो मैं लोगों को पढ़ाना और जानकारियां बांटना पसंद करूंगी।"

राहत को अपने कठिनाई के बीते दिनों का दुख नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे जीवन की कठिनाइयों पर कोई खेद नहीं है लेकिन अब मैं अपने जीवन में कुछ सार्थक करना चाहती हूं।"

गरीब मुस्लिम परिवार में आर्थिक परेशानियों से जूझते हुए पली बढ़ी राहत ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी एक करोड़ रुपये देखेंगीं।

सिलाई करके चंद पैसे जुटाने वाली 37 साल की राहत डॉक्टर बनना चाहती थीं लेकिन पैसे न होने की वजह से वह ज्यादा पढ़ न सकीं। एक करोड़ रुपये जीतने के बाद अब वह अपने दो बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाना चाहती हैं।

राहत ने केबीसी के चौथे संस्करण में एक करोड़ रुपये जीते हैं। यह कार्यक्रम सोमवार को प्रसारित किया जाएगा।

मूलत: रांची की रहने वाली तस्लीम की दादी सबीना तस्लीम के मुताबिक राहत की शादी 13 साल की उम्र में गिरीडीह जिले में कर दी गई थी।

राहत के माता-पिता रांची में रहते हैं। उनके पिता छोटे कारोबारी हैं।

राहत की दादी ने कहा कि वह डॉक्टर बनना चाहती थी। वह मेधावी थी लेकिन पैसों की कमी के चलते उसका यह सपना पूरा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, "हमें इस बात का गर्व है कि उसकी प्रतिभा को पहचाना गया।"

लंबे समय तक कठिनाइयों भरा जीवन बिताने के बाद अब राहत अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना चाहती हैं।

उनका बेटा फैसल इकबाल 10 साल और बेटी तरन्नुम तस्लीम तीन साल की है। राहत के पति इम्तियाज अहमद माइका ट्रेडिंग कार्पोरेशन ऑफ इंडिया में छह हजार रुपये के वेतन पर काम करते हैं।

परिवार की मदद के लिए राहत सिलाई करके दो हजार रुपये महीना कमा लेती थीं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+