गडकरी से सोमवार को मिल सकते हैं येदियुरप्पा (लीड-1)
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने येदियुरप्पा मामले पर अंतिम निर्णय गडकरी पर छोड़ दिया है। गडकरी चाहें तो यदियुरप्पा को पद पर बने रहने या पद छोड़ने के लिए कह सकते हैं। मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके दो पुत्रों पर कई आरोप लगे हैं। येदियुरप्पा के पुत्रों में से एक बी.वाई. राघवेंद्र लोकसभा में भाजपा के सांसद हैं।
सोमवार की नई दिल्ली यात्रा से पहले येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद से न हटने के अपने रुख पर कायम हैं।
बेंगलुरू में उन्होंने पत्रकारों से कहा, "येदियुरप्पा के उत्तराधिकारी येदियुरप्पा ही हैं।" उनका यह बयान मंत्रियों और विधायकों के साथ हुई बैठक के बाद आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 225 सदस्यीय विधानसभा में उनके समर्थन में 120 विधायक हैं।
उन्होंने कहा, "चूंकि पार्टी नेतृत्व मेरे साथ है, लिहाजा हमने तय किया है कि मंत्रियों व विधायकों को मेरे साथ दिल्ली जाने की कोई आवश्यकता नहीं है।"
उधर, कर्नाटक संकट का हल निकालने के लिए गडकरी ने नई दिल्ली में लालकृष्ण आडवाणी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की।
गडकरी ने पत्रकारों को बताया, "कर्नाटक संकट पर निर्णय लेने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने मुझे अधिकृत किया है। मैं निर्णय लेने से पहले येदियुरप्पा से फिर से बात करूंगा।"
कर्नाटक संकट समाप्त करने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने गडकरी के आवास पर बैठक की। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक में सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह और मुरली मनोहर जोशी ने हिस्सा लिया।
भाजपा सूत्रों ने कहा कि येदियुरप्पा के पद पर बने रहने के मसले पर कोई निर्णय सोमवार को संसद की बैठक शुरू होने से पहले लिया जा सकता है।
ऐसा लगता है कि भाजपा कर्नाटक संकट को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहती है, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे पर उस पह हमला कर सकती है, इसलिए कि भाजपा ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की मांग को लेकर सदन को ठप्प कर रखा है।
बेंगलुरू में येदियुरप्पा के साथ बैठक में शामिल रहे चिकित्सा शिक्षा मंत्री ए.रामदास और शिमोगा से लोकसभा सदस्य अयनूर मंजूनाथ ने कहा कि येदियुरप्पा मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications