'स्थायी सदस्यता के लिए भारत को चीन का समर्थन जरूरी'
सिंध प्रांत के हैदराबाद में हारुन ने पत्रकारों से कहा, "यदि भारत सुरक्षा परिषद में पहुंच भी जाता है तो वीटो पावर के बिना वह पाकिस्तान के लिए कोई खतरा नहीं होगा।"
भारत की सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समर्थन की घोषणा को पाकिस्तान में अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है।
ज्यादातर पाकिस्तानी लोगों का मानना है कि भारत को सुरक्षा परिषद के अन्य पांच देशों की तरह वीटो पावर मिलने पर पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हारुन ने कहा कि पाकिस्तान को वित्तीय स्थिरता प्राप्त करने के लिए अपने संसाधनों का बुद्धिमत्ता से उपयोग करना होगा क्योंकि चीन और भारत इस क्षेत्र की तेजी से उभर रही शक्तियां हैं और भविष्य में वह निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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