स्थायी सदस्यता पर चीन के रुख में बदलाव की उम्मीद : भारत
विदेश सचिव निरुपमा राव ने एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "मेरा मानना है कि इस मसले पर आगे बढ़ने और रुख में परिवर्तन की संभावना है। मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ तत्काल होने जा रहा है। यह एक प्रक्रिया का हिस्सा है। यह प्रक्रिया चीन के साथ वार्ता और चर्चाओं से जुड़ी है।"
राव से पूछा गया था कि भारत के स्थायी सदस्यता के दावे पर चीन के रुख में कोई नया बदलाव आया है तो इसके जवाब में उन्होंने यह बात कही। पिछले दिनों भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने स्थायी सदस्यता के दावे पर नई दिल्ली का खुलकर समर्थन किया था।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वर्ष 2008 में जब चीन गए थे तो उस समय बीजिंग की ओर से कहा गया था कि वह वैश्विक मामलों में भूमिका निभाने से जुड़ी भारत की महत्वाकांक्षाओं को समझता है। राव ने कहा, "मामला यहीं आकर रुक जाता है। निश्चित तौर पर भारत और चीन को इस दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने की जरूरत है।"
विदेश सचिव ने कहा, "हाल के दिनों में सबसे बड़ी प्रगति यह हुई है कि चीन बातचीत के लिए तत्पर दिखा है। वह सुरक्षा परिषद में विस्तार सहित संयुक्त राष्ट्र से जुड़े तमाम मसलों पर भी भारत से चर्चा को तैयार है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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