मिजोरम जनजाति ने किया पुनर्वास का विरोध

एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि 41,600 से अधिक रेयांग जनजाति के लोग जिन्हें स्थानीय रूप से 'ब्रू' कहा जाता है, अक्टूबर 1997 से उत्तरी त्रिपुरा के कंचनपुर उप प्रभाग में छह शिविरों में रह रहे हैं। एक मिजो वन अधिकारी की हत्या के बाद फैले जातीय संघर्ष के बाद इन्होंने पश्चिमी मिजोरम को छोड़ दिया था।

रेयांग जनजाति वापस अपने राज्य लौटने के लिए उत्सुक है और वह राज्य सरकार के समक्ष अपनी आठ सूत्री पुनर्वास पैकेज की मांग रख चुकी है। इनमें मिजोरम में स्वायत्त जिला परिषद के गठन और सरकारी नौकरियों एवं विधानसभा में आरक्षण शामिल है।

त्रिपुरा सरकार के एक अधिकारी ने कंचनपुर में पत्रकारों से बताया, "गत तीन नवंबर से 41,600 जनजातीय शरणार्थियों में से 400 शरणार्थी अपने घर लौट चुके हैं।"

उन्होंने बताया, "गत शुक्रवार को 66 परिवार अपने घर जाने को तैयार थे, लेकिन सैकड़ों की संख्या में अन्य शरणार्थियों ने अपनी आठ सूत्री मांग पूरी न होने पर त्रिपुरा-मिजोरम राजमार्ग को जाम कर दिया। पुलिस ने 655 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और जाम हटाया एवं 48 शरणार्थी परिवारों को उनके घर भेज दिया।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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