सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर

मनमोहन सिंह कई वर्षों में पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनपर सुप्रीम कोर्ट ने इतनी कड़ी टिप्पणी की है.
2जी स्पेक्ट्रम मामले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में हलफ़नामा दायर कर दिया है. 10 पन्ने के इस हलफ़नामें में प्रधानमंत्री ने 2जी मामले में कार्रवाई नहीं करने के आरोप का जवाब दिया है.
भारत सरकार के एटॉर्नी जनरल ने प्रधानमंत्री की ओर से ये हलफ़नामा दायर किया है.
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा था कि क्या वजह थी कि मनमोहन सिंह अनुमति देने के इस आवेदन पर 11 महीनों तक चुप्पी साधे बैठे रहे.
अदालत ने सरकार को निर्देश दिए थे कि वह इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हुए पत्रव्यवहार को लेकर एक शपथ पत्र दाख़िल करें.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था, "प्रशासन को सुचारु रुप से चलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तीन महीने का समय तय किया है. इतने समय में ज़िम्मेदार अधिकारी को अनुमति दे देनी चाहिए."
हाल के बरसों में पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ इतनी कड़ी टिप्पणी की है.
जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय क़ानून मंत्री सुब्रमण्यम स्वामी ने दो साल पहले प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर ए राजा के ख़िलाफ़ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की अनुमति माँगी थी.
इसमें कहा गया है कि मोबाइल फ़ोन के लिए टू-जी स्पैक्ट्रम आवंटन के मामले में नियमों की अनदेखी की गई, अयोग्य कंपनियों को लाइसेंस दिए गए और जिन दरों पर लाइसेंस दिए गए उससे सरकार को 1.70 लाख करोड़ रुपयों तक का घाटा हुआ.
नियमानुसार किसी सरकारी पद पर आसीन व्यक्ति के ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई के लिए अनुमति चाहिए होती है लेकिन सुब्रमण्यम स्वामी का आरोप है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इस मामले पर चुप रहे.
अब सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी को इस बात की अनुमति दे दी है कि वे चाहें तो ए राजा के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर सकते हैं. चूंकि अब ए राजा संचार मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे चुके हैं इसलिए अब उन पर आपराधिक मामला दर्ज करने के लिए किसी की अनुमति की ज़रुरत भी नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट और विपक्ष दोनों के निशाने पर आने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सु्प्रीम कोर्ट में अपना वकील बदलने का फ़ैसला किया है.
एटॉर्नी जनरल जीई वाहनवती ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा है कि सरकार ने उनसे कहा है कि वे अगले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में प्रधानमंत्री का प्रतिनिधित्व करें.


Click it and Unblock the Notifications