टाटा टेलीसर्विसेज शुरू करेगी 'फिश फाइंडर' मोबाइल सेवा
अहमदाबाद, 20 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के तटीय क्षेत्र के साधारण मछुआरे अब सस्ते मोबाइल फोन लेकर दूर समुद्र में मछली पकड़ने जा पाएंगे, जिससे उन्हें पहले से अधिक कमाने का मौका मिलेगा।
टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड (टीटीएल) अपनी 'फिश फाइंडर' योजना को कारोबारी जामा पहनाने में लग गई है। कम्पनी 2011 में अपनी इस योजना को पूरे भारत के तटीय इलाकों में साधारण मछुआरों के बीच फैलाना चाहती है।
शुरू में कम्पनी ने इस योजना को प्रयोग के तौर पर सामुदायिक सेवा के लिए चलाया था। इसके तहत मछुआरे मोबाइल फोन की सहायता से दूर समुद्र में अधिक मछली वाले इलाकों में मछली पकड़ने के लिए जा सकते हैं।
परियोजना की सफलता से उत्साहित होकर कम्पनी इस क्षेत्र में व्यावसायिक अवसरों का दोहन करना चाहती है।
यह योजना दो साल पहले तमिलनाडु के सुनामी प्रभावित दो क्षेत्रों विरमपट्टनम और मछलीपट्टनम तथा केरल और पुडुचेरी में शुरू की गई थी।
टीटीएल के कॉरपोरेट मामलों के उपाध्यक्ष राजीव नारायण ने आईएएनएस से कहा कि इसके तहत करीब 150 मछुआरों को साधारण मोबाइल फोन दिया गया था। ये मछुआरे अपनी देसी नौका से समुद्र के अंदर आठ किलोमीटर तक मछली पकड़ने के लिए जाया करते हैं।
इस मोबाइल फोन में कई सुविधाएं है, जो न सिर्फ उन्हें अधिक कमाने में मदद करती है, बल्कि समुद्र में उन्हें सुरक्षा की कई चेतावनी भी देती है।
नारायण ने कहा कि 2004 की सुनामी में इन मछुआरों ने अपने संबंधियों को खो दिया था, जिससे ये दूर समुद्र में जाने से डरने लगे थे। इस कारण उनकी जीविका खतरे में पड़ गई थी।
टीटीएल ने इस परियोजना के लिए एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन, दि इंडियन सेंटर फॉर ओसीनोग्राफिक स्टडी, मुंबई, दि इंडियन मेटेरियोलॉजिक सोसाइटी और क्वोलकॉम से हाथ मिलाया।
नारायण ने कहा कि परियोजना व्यावसायिक तौर पर अगले साल मार्च से शुरू होगी और चरणबद्ध तरीके से इसे भारत के संपूर्ण तटीय इलाके में फैलाया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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