देसाई के खिलाफ है चिकित्सकों का समूह
'पीपल फॉर बेटर ट्रीटमेंट' के अध्यक्ष कुनाल साहा ने इस तरफ ध्यान आकर्षित करने के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजा।
साहा ने लिखे पत्र में कहा, "रिपोर्ट मिली है कि देसाई गुजरात विश्वविद्यालय की सीनेट के लिए निर्विरोध चुन लिए गए हैं। यह अचंभित करने वाला है कि एक चिकित्सक को घूस लेने और आय से अधिक संपत्ति रखने जैसे जघन्य अपराध के कारण केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गिरफ्तार किया था। साथ ही उसके खिलाफ आपराधिक मामलों को लेकर अदालत में सुनवाई भी चल रही है। ऐसे में क्या वह विश्वविद्यालय का सीनेट सदस्य के रूप में चुना जा सकेगा।"
उन्होंने आगे लिखा, "गौर करने वाली बात यह कि पेशेवर दुर्व्यहार के कारण एमसीआई ने नौ अक्टूबर को डॉक्टर देसाई का पंजीकरण रद्द कर दिया। अब वह मरीजों के इलाज के लिए अधिकृत नहीं रहे। इस हालत में गुजरात विश्वविद्यालय का सीनेट सदस्य बनने का उन्हें कोई कानूनी या नैतिक अधिकार नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि पंजाब में एक मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने के लिए कथित रूप से दो करोड़ रुपये का घूस लेने के कारण सीबीआई ने देसाई को गिरफ्तार किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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