येदियुरप्पा के हटने की संभावना क्षीण (राउंडअप)
नई दिल्ली, 19 नवंबर (आईएएनएस)। भूमि आवंटन के आरोपों पर विपक्षी पार्टियों द्वारा पद छोड़ने के दबाव में आए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने शुक्रवार रात भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के साथ नई दिल्ली में बैठक की। बैठक में येदियुरप्पा के पद पर बने रहने के अलावा अन्य विकल्पों पर चर्चा हुई।
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन गडकरी के आवास पर रात 10.30 के करीब बैठक शुरू हुई। येदियुरप्पा पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों ने पार्टी के लिए 'मुश्किलें' खड़ी की है, लेकिन उन्हें पद से हटाया नहीं जा सकता।
सूत्रों ने बताया कि येदियुरप्पा राज्य में लोकप्रिय नेताओं में रहे हैं और उनके प्रति लोगों की सहानुभूति है। राज्य का एक वर्ग मानता है कि येदियुरप्पा को विपक्ष निशाना बना रहा है।
पार्टी के एक नेता ने आईएएनएस को बताया, "उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस समय हटाना पार्टी के लिए जोखिमभरा हो सकता है।" उन्होंने कहा कि येदियुरप्पा से वित्तीय लेन देन में और पारदर्शिता बरतने के लिए कहा जा सकता है।
उधर, दिल्ली आने से पहले येदियुरप्पा ने खुद उत्तरी कर्नाटक के हुबली में घोषणा की कि उनके रिश्तेदारों ने भूखंड वापस कर दिए हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के अध्यक्ष के.एस.ईश्वरप्पा ने दिल्ली में कहा कि कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन का कोई सवाल नहीं पैदा होता।
राज्य के पंचायती राज मंत्री व मुख्यमंत्री पद के सम्भावित दावेदार जगदीश शेट्टार ने भी संवाददाताओं को बेंगलुरू में बताया, "नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे को न तो किसी ने उठाया है और न इस पर कोई चर्चा ही चल रही है।"
इसके पहले येदियुरप्पा ने संवाददाताओं को बताया था कि भूखंड इसलिए वापस कर दिए गए, क्योंकि विपक्ष निराधार आरोप लगा रहा है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन कर अपने पारिवारिक सदस्यों को भूखंड आवंटित किया था।
इसके पहले राज्य मंत्रिमंडल ने मुख्य रूप से बेंगलुरू और आसपास के इलाकों में पिछले 10 वर्षो के दौरान हुए सभी भूमि सौदों की जांच सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराए जाने को अपनी मंजूरी दे दी। न्यायाधीश के नाम और उसके अधिकार क्षेत्र की घोषणा होनी अभी बाकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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