'कई चुनौतियां, पर 10 फीसदी विकास दर की उम्मीद' (लीड-1)
दिल्ली में शनिवार को 'हिदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट' में प्रधानमंत्री ने कहा, "हम उन चंद देशों में शामिल हैं जो वैश्विक आर्थिक संकट से जल्द उबरने में सफल रहे। पिछले साल हमारी विकास दर 7.4 फीसदी रही। इस साल विकास दर 8.5 फीसदी और अगले वर्ष नौ-10 फीसदी रहने की उम्मीद है।"
उन्होंने कहा, "हमें एक ऐसी रूपरेखा तैयार करनी होगी जो विकास दर को नौ से 10 फीसदी तक पहुंचाने में मददगार हो। भौतिक संचय और निवेश की दरें सकल घरेलू उत्पाद का 35-37 फीसदी और पूंजी उत्पादन अनुपात को 4:1 तक पहुंचाने के साथ हम 9-10 फीसदी की विकास दर हासिल कर सकते हैं।"
मनमोहन सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में देश में भ्रष्टाचार और गरीबी बड़ी समस्याएं हैं। उन्होंने कहा, "भारत तरक्की की राह पर है। परंतु आज भ्रष्टाचार, गरीबी और बीमारी जैसी कई समस्याएं भी देश के सामने हैं। हमें युवाओं से बहुत उम्मीद है।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "यह अक्सर कहा जाता है कि यह इम्तहान का वक्त है। यह सच है कि भारत में हमारे लिए हमेशा इम्तहान की घड़ी होती है। कभी-कभी मैं खुद को एक स्कूली छात्र की तरह महसूस करता हूं जिसे एक के बाद एक परीक्षा देनी होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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