इंसानियत के सामने आतंकवाद और भूख की चुनौतियां : प्रधानमंत्री
'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट' में प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्याय और अस्वीकार्य गरीबी को कम करने के लिए प्रयास किए जाने चाहिए और ऐसे विश्व का निर्माण होना चाहिए जो पर्यावर्णिक रूप से स्थिर हो।
उन्होंने कहा कि भीषण युद्ध वह नहीं है जिसमें एक देश दूसरे देश से लड़ता है, बड़ा युद्ध वह है जो इंसानियत आम चुनौतियों से निपटने के लिए लड़ती है।
मनमोहन सिंह ने कहा, "मानवता को समेकित रूप में भूख, गरीबी, आतंकवाद, बीमारियों, भ्रष्टाचार, निरक्षरता और चरमपंथ के खिलाफ लड़ाई लड़नी है। कई बार परीक्षा होती है। कई बार लड़ाई से पहले परीक्षण होता है।"
देश को आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार निर्माण, औद्योगिकीकरण और पर्यावरण के अनुकूल कृषि में निवेश की जरूरत बताते हुए उन्होंने कहा कि ऊंची और समेकित विकास दर प्राप्त करने के लिए कोई जादुई छड़ी या जादुई मंत्र नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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