2जी स्पेक्ट्रम के दोषी होंगे दंडित : प्रधानमंत्री (लीड-1)
दिल्ली में 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप सम्मिट' में शनिवार को प्रधानमंत्री ने कहा, "इस बात को लेकर किसी को संदेह नहीं होना चाहिए कि दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी।"
मनमोहन सिंह ने सभी दलों से अपील की कि वे वैधानिक प्रकिया में अवरोध न पैदा करें। उन्होंने कहा, "जहां तक 2जी स्पेक्ट्रम के आवंटन का मामला है, इस पर मैं कोई विस्तृत बयान नहीं दूंगा क्योकि संसद का सत्र अभी चल रहा है।"
हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद से विपक्ष का हमला और तेज हो गया है। इस मामले में दूरसंचार मंत्री पद से ए. राजा पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "इस मामले में मैं यह कह सकता हूं कि एजेंसियां विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। हम संसद में सभी मसलों पर चर्चा के लिए तैयार हैं। हम चर्चा से नहीं डरते।"
उन्होंने कहा कि देश को इसकी जरूरत है कि संसदीय कार्यप्रणाली नियमित रूप से चले। सिंह ने कहा, "मैं सभी पार्टियों से आग्रह करता हूं कि वे संसदीय कामकाज को चलने दें।"
विपक्ष इस मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने पर अड़ा हुआ है और इसी को लेकर बीते दो सप्ताह से संसद के शीतकालीन सत्र में कोई कामकाज नहीं हो सका।
दूसरी ओर सरकार इस कथित घोटाले की जांच जेपीसी से कराने से इंकार करती रही है। उसका तर्क रहा है कि लोक लेखा समिति इस मामले की जांच में सक्षम है और ऐसे में जेपेसी के गठन की जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी हैं।
मनमोहन सिंह ने कहा, "यह अक्सर कहा जाता है कि यह इम्तहान का वक्त है। यह सच है कि भारत में हमारे लिए हमेशा इम्तहान की घड़ी होती है। कभी-कभी मैं खुद को एक स्कूली छात्र की तरह महसूस करता हूं जिसे एक के बाद एक परीक्षा देनी होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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