मक्का मस्जिद विस्फोट का आरोपी अदालत में पेश होगा
जतिन मुखर्जी उर्फ स्वामी असीमानंद 2007 में यहां की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में हुए विस्फोट के मामले में कथित रूप से शामिल रहा है।
सीबीआई ने हरिद्वार में 59 वर्षीय स्वामी को गिरफ्तार किया और दिल्ली की एक अदालत में उसे पेश किया। अदालत ने स्वामी को दो दिनों के लिए सीबीआई की हिरासत में दे दिया। अदालत ने सीबीआई की वह याचिका भी स्वीकार कर ली, जिसमें उसने स्वामी को हैदराबाद की एक अदालत में रविवार तक पेश करने की मांग की थी।
स्वामी को चरमपंथी संगठन, अभिनव भारत का विचारक माना जाता है। यह संगठन मालेगांव व अजमेर विस्फोटों में लिप्त रहा है। स्वामी को शनिवार तड़के हैदराबाद लाया गया। सीबीआई सूत्रों ने कहा कि स्वामी को शनिवार को एक अदालत में पेश किया जाएगा।
छद्म वेश धारी स्वामी, स्वामी ओंकारनाथ और नब कुमार सरकार के नाम से भी जाना जाता है। वह हरिद्वार के पास छद्म नाम से रह रहा था और उसने पहचान सम्बंधी फर्जी दस्तावेज भी हासिल कर लिया था। सीबीआई ने उसके पास से आरपीओ कोलकाता द्वारा जारी एक पासपोर्ट, और हरिद्वार प्रशासन द्वारा जारी एक राशन कार्ड व एक मतदाता पहचान पत्र बरामद किया है।
मक्का मस्जिद में 18 मई, 2007 को जुमे की नमाज के दौरान हुए विस्फोट में नौ लोग मारे गए थे। विस्फोट के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में पांच और लोगों की मौत हो गई थी।
स्वामी का नाम मालेगांव विस्फोट की जांच के दौरान उस समय सामने आया, जब महाराष्ट्र पुलिस ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के पास से स्वामी के ड्राइवर का फोन नंबर बरामद किया। प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी है।
वनस्पति विज्ञान में परास्नातक की उपाधि धारी और पश्चिम बंगाल में हुगली का निवासी स्वामी 1990 के दशक में गुजरात चला गया था।
सीबीआई, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और राजस्थान आतंक निरोधी दस्ता के लोग, मक्का मस्जिद विस्फोट, मालेगांव विस्फोट और अजमेर विस्फोट के मामलों में स्वामी से पूछताछ कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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