भव्यता-परंपरा का संगम बनीं शिवराज-गायत्री की शादी
गुरूवार को सुबह से विवाह स्थल रामबाग पैलेस में चहल-पहल दिखाई दी। एक ओर जहां बारात के स्वागत के लिए होटल में खास साज-सजावट होती रही, तो दूसरी ओर मेहमानों के आने-जाने का सिलसिला भी जारी रहा। दूसरी ओर जोधपुर से कनकपुरा स्टेशन से बारात राजपूताना शेरेटन पहुंची जहां से शाम को वे विवाह स्थल होटल रामबाग पैलेस के लिए रवाना हुए।
बुधवार देर रात जोधपुर के उपनगरीय रेलवे स्टेशन से जयपुर के लिए रवाना हुई शिवराज सिंह की बारात सुबह करीब सवा दस बजे कनकपुरा रेलवे स्टेशन पहुंची। पंचरंगी फरियों और फूल मालाओं से सजी विशेष्ा ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर रूकी तो घरातियों के साथ ही आस-पास के लोगों की भीड़ भी वहां जमा हो गई। दूल्हे के पिता जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के गज सिंह और उनके परिवार के सदस्यों का स्वागत दुल्हन के परिवार के सदस्यों ने खम्मा घणी कह कर किया।
बारात में विदेशी मेहमान जयपुर पहुंच उत्साहित नजर आया। मेहमानों ने बताया कि ट्रेन में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं जिसे उन्हें बहुत एंजॉय किया। सफर के दौरान मेहरानगढ़ बैंड का म्यूजिक, लोक कलाकार लंगा व मांगणियार ने भी प्रस्तुति दी। 18 डिब्बों की इस टे्रन की सात एसी बोगियों में बाराती जबकि स्लीपर बोगियों में बारात के साथ आए सहयोगियों को बिठाया गया।
होटल के जनाना महल में सजे मंडप में गोधुली वेला में सात-फेरों की रस्म अदायगी की गई। इस बेला में वधू पक्ष की महिलाएं उपस्थित थीं। वैदिक रीति से हुई शादी को जोधपुर के राज पंडित ललित कुमार त्रिवेदी व अस्कोट घराने के पंडित ने साथ मिलकर करवाया। शादी के दौरान परिवार के प्रतिनिघि राजपुरोहित भगवानसिंह के साथ अन्य पंडित भी उपस्थित थे। फेरे के बाद शाही महफिल सजाई गई।













Click it and Unblock the Notifications