चीन में घूसखोरी के लिए उम्रक़ैद

पिछले साल एक भ्रष्ट अधिकारी को चीन में मौत की सज़ा दे दी गई थी
चीन की मुख्य परमाणु ऊर्जा कंपनी के पूर्व प्रमुख को क़रीब दस लाख डॉलर की घूस लेने के लिए आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
कांग रिकशिन को पिछले साल चीन की सरकारी कंपनी नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन से बर्खास्त किया गया था.
नेशनल न्यूक्लियर कॉर्पोरेशन चीन में परमाणु ऊर्जा संयंत्र संचालित करने वाली सबसे बड़ी संस्था है.
चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार उन्हें बीजिंग की एक अदालत ने यह सज़ा सुनाई है. उन्हें अपने पद के दुरुपयोग कर दूसरों को लाभ पहुँचाने का दोषी पाया गया है.
उन्हें मौत की सज़ा इसलिए नहीं दी गई क्योंकि उन्होंने जाँच में सहयोग किया और सारे पैसे लौटा दिए.
कांग ने वर्ष 2004 से 2009 के बीच संस्था के जनरल मैनेजर के रूप में 66 लाख युआन यानी लगभग नौ लाख सत्तर हज़ार डॉलर की घूस स्वीकार की थी.
उनकी गिरफ़्तारी के समय मीडिया ने कहा था कि उन्हें एक विदेशी कंपनी ने यह घूस दी थी जो चीन में परमाणु संयंत्र का निर्माण करना चाहती थी.
चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, "कांग को अपने पद के दुरुपयोग, दूसरों को लाभ पहुँचाने और घूस के रुप में बड़ी राशि लेने का दोषी पाया गया."
एजेंसी का कहना है कि कांग को वर्ष 2007 में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सेंट्रल कमेटी का सदस्य बनाया गया था लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के बाद उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया है और उनके राजनीतिक अधिकारों को जीवन भर के लिए ख़त्म कर दिया गया है.
इससे पहले पिछले साल बीजिंग एयरपोर्ट का नियंत्रण करने वाली सरकारी कंपनी के पूर्व प्रमुख ली पेईंग को घूस लेने के आरोप में मौत की सज़ा दे दी गई थी.
उन्हें एक करोड़ 60 लाख डॉलर की घूस लेने और हेराफेरी का दोषी पाया गया था.
विश्लेषकों का कहना है कि इन दोनों मामलों से यह साफ़ है कि चीन उच्च अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करना चाहता.


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