नैतिक मूल्यों में आ रही गिरावट : सोनिया
नई दिल्ली, 19 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को भारत के लिए 'सामाजिक प्रावधान की नई संरचना' का वादा किया और इस विरोधाभास को दूर करने की जरूरत पर जोर दिया कि एक तरफ व्यापार एवं अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, लेकिन रिश्वतखोरी और लोभ भी बढ़ता जा रहा है।
'भारतीय सामाजिक लोकतंत्र : समेकित बाजार, लोकतंत्र एवं सामाजिक न्याय' विषय पर आयोजित 10वीं इंदिरा गांधी विचार गोष्ठी का शुभारंभ करते हुए सोनिया गांधी ने कहा, "हमें अपनी उच्च आर्थिक प्रगति दर पर खुशियां मनाने का अधिकार है। यह तभी कायम रह सकती है, जब हम इस दिशा में कार्य करते रहेंगे। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि प्रगति का अपने आप में कोई अंत नहीं होता।"
संगोष्ठी तीन मूर्ति भवन के लॉन में आयोजित थी। यह भवन अब नेहरू संग्रहालय है और कभी देश के प्रथम प्रधानमंत्री का आवास हुआ करता था। यहां चयनित श्रोताओं को संबोधित करते हुए सोनिया ने कहा, "हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ते हुए गतिमान बनी रह सकती है, लेकिन नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है। समृद्धि बढ़ी है, लेकिन सामाजिक द्वंद्व भी बढ़ा है। कई तरह की असहिष्णुताएं बढ़ी हैं। रिश्वतखोरी और लोभ भी बढ़ता जा रहा है।"
स्पेक्ट्रम आवंटन मामले पर सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी आने के बाद सोनिया ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ पहली बार सार्वजनिक सभा में अपने विचार रखे। उन्होंेने जीवन मूल्यों में गिरावट पर भी अफसोस जताया।
अपनी सास एवं स्व. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 93वीं जयंती के अवसर पर सोनिया ने कहा, "जिन सिद्धांतों पर स्वाधीन भारत की नींव रखी गई, जिसके लिए महान नेताओं की एक पीढ़ी लड़ी और उन्होंने अपना बलिदान दिया, वे खतरे में हैं, उन्हें निष्फल किया जा रहा है।"
उन्होंने कहा, "सूचना का अधिकार, काम करने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार और प्रस्तावित खाद्य सुरक्षा का अधिकार, ये सब कल्याण एवं मानव विकास की दिशा में किए गए महत्वपूर्ण प्रयास हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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