भारत ने कश्मीर टिप्पणी पर ईरानी राजदूत को तलब किया
एक सरकारी सूत्र ने बताया, "हमने ईरानी अधिकारियों को अपनी नाराजगी से अवगत करा दिया है और इस बात पर गहरा अफसोस जताया है कि उन्होंने हमारी संवेदनशीलता की उपेक्षा करते हुए हमारी क्षेत्रीय सम्प्रभुता पर सवाल उठाया है।"
खमैनी के हज यात्रियों को दिए एक संदेश के बाद सरकार की ओर से यह प्रतिक्रिया आई है। खमैनी ने अपने संदेश में दुनियाभर के मुसलमानों से जम्मू एवं कश्मीर में 'संघर्ष' को समर्थन देने और उसे अफगानिस्तान, इराक और पाकिस्तान जैसा राष्ट्र बनाने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव वाई.के. सिन्हा ने शुक्रवार को ईरानी राजदूत को अपने कार्यालय में बुलाया और उन्हें भारत सरकार की संवदेनाओं से अवगत कराया।
खमैनी ने हज यात्रियों को लिखे एक संदेश में कहा है, "वर्तमान में इस्लाम धर्म को मानने वाले लोगों का मुख्य कर्तव्य यह है कि वे फिलीस्तीन और गाजा के लोगों की मदद करें और अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इराक और कश्मीर के प्रति सहानुभूति और मदद का रवैया रखें व अमेरिकी और यहूदी शासन के खिलाफ संघर्ष और विरोध में संलग्न रहें।"
खमैनी कहते हैं कि मुसलमानों को एकजुट होना चाहिए और इस्लामी समुदाय में मुस्लिम युवाओं को जागरूक कर उनमें जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना भरनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में दुनियाभर में फैल रही इस्लामी जागरूकता एक वास्तविकता है जो मुसलमानों के उज्जवल भविष्य को दिखाती है।
खमैनी ने पहली बार इस तरह का बयान नहीं दिया है। इससे पहले इसी साल जुलाई में भी उन्होंने ऐसा ही एक बयान दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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