खगोलविदों ने आकाश गंगा के बाहर विशाल ग्रह खोजा
'साइंस एक्सप्रेस' जर्नल के मुताबिक गैसों से बना यह ग्रह बृहस्पति ग्रह से 25 प्रतिशत ज्यादा भारी या पृथ्वी से 400 गुना ज्यादा भारी है, जो एक बौनी आकाश गंगा में जन्मे तारे का चक्कर लगाता है।
एचआईपी 13044बी नाम का हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना यह ग्रह सौर मंडल के हेल्मी धारा कहे जाने वाले तारों के समूह से सम्बंधित है। हेल्मी धारा पृथ्वी से करीब 2,000 प्रकाश वर्ष की दूरी पर है।
चिली के ला सिल्ला स्थित 'यूरोपियन साउदर्न ऑब्जर्वेटरी' (ईएसओ) के खगोलविद अत्यधिक दूरी के कारण प्रत्यक्ष रूप से ग्रह का पता नहीं लगा सके हैं। उन्होंने तारे की चमक के संकेतों के आधार पर इस ग्रह की मौजूदगी का अनुमान लगाया है।
यह ग्रह एक ऐसे तारे का चक्कर लगा रहा है जिसका जीवन समाप्त होने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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