न्यायाधीशों के पदस्थापन सम्बंधी याचिका पर फैसला सुरक्षित
नई दिल्ली, 18 नवंबर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआई) के उस निर्देश को चुनौती देने वाली अपनी याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है, जिसमें प्रधान न्यायाधीश से तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति का ब्योरा मांगा गया है।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी.सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस.एस. निज्जर की खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि इस मामले में महान्यायवादी जी.ई. वाहनवती के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा जो संवैधानिक पीठ को भेजा गया है।
अदालत केंद्रीय जनसूचना अधिकारी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें सीआईसी द्वारा तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन को तीन न्यायाधीशों की नियुक्ति का ब्योरा सार्वजनिक करने के दिए गए निर्देश को चुनौती दी गई है।
सीआईसी ने यह आदेश पिछले वर्ष एक सामाजिक कार्यकर्ता एस.सी. अग्रवाल द्वारा सूचना के अधिकार कानून के तहत दाखिल किए गए आवेदन पर जारी किया था। आवेदन में न्यायमूर्ति एच.एल.दात्तू, ए.के. गांगुली एवं आर.एम. लोढ़ा की न्यायाधीश के पद पर नियुक्ति का ब्योरा मांगा गया है।
आवेदन में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने वरिष्ठों की उपेक्षा कर इन तीनों न्यायाधीशों को पदोन्नत किया है।
अग्रवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि नियुक्ति की प्रक्रिया पर पर्दा नहीं डाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोग यह 'देखना और जानना' चाहते हैं कि उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications