राठौड़ पेंशन मामला : जवाब के लिए गृह मंत्रालय ने समय मांगा
चण्डीगढ़, 18 नवंबर (आईएएनएस)। हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी.एस. राठौड़ की पेंशन को चालू करने के सम्बंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जवाब दाखिल करने के लिए गुरुवार को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) से तीन हफ्ते का समय मांगा।
रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में संलिप्तता के कारण राठौड़ की पेंशन जून से ही रुकी हुई है।
राठौड़ ने स्थायी तौर पर पेंशन रोकने सम्बंधी मंत्रालय के निर्णय के विरुद्ध अभिकरण में अपील दायर की थी। अभिकरण ने नोटिस भेजकर मंत्रालय से जवाब मांगा है।
अधिकरण में दायर अपील में राठौड़ ने दावा किया है कि उन पर लगे कदाचार के आरोप का उनके कार्यालयी दायित्वों से मुक्ति का कोई सम्बंध नहीं है, इसलिए वह पेंशन पाने के हकदार हैं।
राठौड़ ने कहा, "मुझ पर लगे आरोपों से केंद्र या राज्य को कोई आर्थिक क्षति नहीं हुई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा स्थायी तौर पर पेंशन रोकने की कार्रवाई पक्षपात है और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।"
उल्लेखनीय है कि अधिकारण में राठौड़ की पेंशन मामले की सुनवाई अब अगले वर्ष 18 जनवरी को होगी।
रुचिका प्रकरण में फंसे राठौड़ को 25 मई को 18 माह कैद की सजा सुनाई गई थी। तब से वह बुड़ैल जेल में बंद थे। उन्हें 12 नवंबर को जमानत पर रिहा कर दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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