भूमि आवंटन की जांच पर कैबिनेट करेगा फैसला : येदियुरप्पा
यहां से 350 किलोमीर दूर तटवर्ती कस्बे में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा, "मैंने भगवान नन्जूनदेश्वरा की शपथ ली है कि मैं भूमि आवंटन में कानून की हद को नहीं लाघूंगा।"
येदियुरप्पा ने कहा कि पिछले 10 वर्षो में हुए सभी भूमि आवंटन की जांच सर्वोच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपने पर कैबिनेट गुरुवार को फैसला लेगा।
दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पहले मुख्यमंत्री पर बुधवार को आरोप लगा कि उन्होंने बेंगलुरू विकास प्राधिकरण (बीडीए) की जमीन आवंटन में अपनी बहन और उनके पति का पक्ष का लिया है।
बीडीए यहां के प्रत्येक इलाके में आवासीय भूखंड का विकसित करता है और मुख्यमंत्री के निर्णय पर इन भूखंडों का आवंटन उन लोगों में किया जाता है, जिनके पास राजधानी में आवासीय संपत्तियां नहीं होती हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है कि उनके पुत्र बी.वाई. राघवेंद्र जो भाजपा के सांसद हैं, प्राथमिकता के आधार पर उन्हें आवासीय भूखंड का आवंटन हुआ है। जबकि राजधानी में उनके पास पहले से ही आवासीय संपत्तियां हैं।
उधर, विपक्षी पार्टियों कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने मुख्यमंत्री द्वारा गलत हलफनामे पर अपने पुत्र को भूखंड आवंटित करने पर पद से हटने का दबाव बनाया है।
येदियुरप्पा के अलावा भूखंड आवंटन में भाजपा के राज्य प्रमुख के.एस. ईश्वरप्पा पर भी आरोप है कि उनके पुत्र की कंपनी के लिए दो एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है।
येदियुरप्पा ने भूमि आवंटन की बात स्वीकार की है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा है कि आवंटन में नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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