बिहार खाद्यान्न का भंडार बन सकता है : सोनिया (लीड-1)
बिहार के भभुआ और बक्सर में बुधवार को चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार खाद्यान्न का भंडार बन सकता है। उन्होंने कहा कि यहां के किसान और मजदूर पूरे देश के विकास में अपना योगदान दे रहे हैं परंतु आज उन्हीं का राज्य विकास नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि उनको इसके लिए अवसर भी नहीं मिल रहा है।
पिछले 20 वषरें से यहां पिछड़ेपन की कहानी चल रही है। राज्य के आम लोगों को सभी मामलों में कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं। इस अवधि में बिजली के उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। किसानों के लिए न सिंचाई की सुविधा है और न ही उनके फसलों का उचित मूल्य मिल पा रहा है।
उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह खुद तो कोई विकास कार्य नहीं कर रही है और केन्द्र से जो योजनाएं आ रही हैं, उसे भी लागू नहीं कर रही है। इस कारण जो विकास यहां होना चाहिए था वह नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा कि यहां के नेताओं को अपने परिवार और निजी लोगों की चिंता है और कुछ लोग मजहब के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने आप को सेक्यूलर बताते हैं उनकी असलियत अब सामने आ गई है।
उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस की सरकार है वहां आज विकास हो रहा है क्योंकि विकास के लिए कांग्रेस की नीयत साफ है और निष्ठा है। परंतु जहां गैर कांग्रेसी सरकार है वहां विकास ठप्प पड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि यह भूमि बाबू जगजीवन राम की कर्म भूमि है। जिन्होंने यहां दुर्गावती जलाशय सिंचाई योजना की नींव रखी थी परंतु यहां की सरकारों के कारण अब तक यह परियोजना पूरी नहीं हो सकी।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने बिहार के विकास के लिए करोड़ों-करोड़ रुपए भेजे, परंतु सभी योजनाओं का यहां बुरा हाल है। उन्होंने वर्तमान सरकार पर आरोप लगाया कि उसने केन्द्र से मिले पैसों का दुरूपयोग किया और कह रही है कि केन्द्र से कुछ मिला ही नहीं। उन्होंने कहा कि यह आप पर निर्भर करता है कि आप लोगों को कैसा बिहार चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चुनाव बिहार का भविष्य तय करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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