छिटपुट हिंसा के बीच कश्मीर में बकरीद की नमाज अदा
सैयद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारुख और शब्बीर अहमद शाह सहित कुछ प्रमुख अलगाववादी नेताओं को घरों में नजरबंद रखा गया। यह कदम उन्हें युवाओं को हिंसा के उकसाने से रोकने के लिए ऐहतियात के तौर पर उठाया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यहां बताया, "कुछ अलगाववादी नेताओं को नजरबंदी में रखा गया ताकि वे युवाओं को हिंसा के लिए नहीं भड़का सकें।"
इस बीच दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में नारे लगा रही भीड़ ने पुलिस के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने बाद में स्थानीय जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय पर भी हमला किया।
दक्षिण कश्मीर क्षेत्र के पुलिस उप महानिदेशक शफकत अहमद वटाली ने बताया, "इस पवित्र अवसर पर कोई नागरिक हताहत न हो इसलिए सुरक्षा बलों ने पूर्ण संयम बरता।"
नारे लगा रहे प्रदर्शनकारियों ने पुराने शहर के राजौरी कदल क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर पत्थराव किया।
घनी आबादी वाले इलाके में समूहों में इकट्ठे होने वाले प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
पुराने शहर के ईदगाह मैदान में ईद की नमाज अदा करने के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की।
जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में हजरतबल दरगाह में ईद की नमाज के बाद युवाओं के एक छोटे से समूह ने नारेबाजी की लेकिन बाद में वे शांतिपूर्ण ढंग से तितर-बितर हो गए।
प्रदर्शनकारियों ने उत्तरी कश्मीर के गांदेरबल इलाके में सुरक्षा बलों के साथ झड़प की लेकिन पुलिस का कहना है कि उन्हें वहां खदेड़ दिया गया।
घाटी के अन्य सभी शहरों और गांवों में ईद की नमाज अदा की गई।
पुलिस का कहना है कि उत्तरी कश्मीर के हंदवारा और त्रेहगाम शहरों व हुनहामा, राजौरी कदल और श्रीनगर के साफा कदल इलाके में छिटपुट घटनाओं के अलावा कहीं से भी हिंसा की कोई बड़ी घटना की जानकारी नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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