दिल्ली में इमारत ढही, 50 की मौत

राजधानी दिल्ली के पूर्वी इलाक़े के लक्ष्मी नगर में एक पाँच मंज़िला इमारत के ढहने से कम से कम पचास लोगों की मौत हो गई है और इससे अधिक लोग घायल हुए हैं.
आशंका जताई जा रही है कि सोमवार की शाम ढही इस इमारत के मलबे में अभी भी बहुत से लोग फँसे हुए हैं. रात भर बचाव का कार्य चलता रहा और मंगलवार की सुबह भी मलबा हटाकर लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है.
इमारत ढहने के बाद का मंज़र
घायलों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है जहाँ कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
अस्पतालों में डॉक्टरों की विशेष टीम को तैनात किया गया है.
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा है कि राहत कार्य में कोई कोताही नहीं बरती जा रही है. उन्होंने कहा, "हो सकता है कि इमारत का निर्माण अवैध हो सकता है."
पुलिस ने इस इमारत के मालिक के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है. मालिक फ़रार बताया गया है.
दिल्ली सरकार ने घटना की न्यायिक जाँच के आदेश दे दिए गए हैं.
तीस साल पुरानी यह इमारत यमुना नदी के किनारे स्थित है.
इस इमारत में दिहाड़ी मज़दूर और निम्म मध्यम वर्ग के लोग रहते थे. जिस समय घटना हुई ज़्यादातर लोग काम से घर लौटे थे.
हताहतों में बड़ी संख्या में महिलाएँ और बच्चे हैं
पुलिस के अनुसार इस पाँच मंज़िली इस इमारत के भूतल में मॉनसून के समय पानी भर गया था और इसे अब तक नहीं निकाला जा सका था.
अनुमान लगाया जा रहा है कि लगातार पानी भरे रहने की वजह से इमारत की नींव कमज़ोर हो गई होगी.
स्थानीय लोगों का कहना है कि पाँच मंज़िलों के ऊपर एक और मंज़िल का निर्माण हो रहा था.
घटनास्थल का दौरा करने के बाद बीबीसी से हुई बातचीत में शीला दीक्षित ने कहा, "अभी तो स्पष्ट रुप से कुछ कहना मुश्किल है. हो सकता है अवैध निर्माण हो. लापरवाही भी हो सकती है. अभी इस पर किसी नतीज़े पर पहुँचना सही नहीं होगा."
वित्तमंत्री किरण वालिया ने भी घटना स्थल का दौरा किया है और उन्होंने आश्वासन दिया है कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.
इमारत गिरने के बाद स्थानीय लोग बचाव कार्य में जुट गए थे. पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों को भी राहत कार्य में लगाया गया है.
स्थानीय लोग में इस घटना को लेकर ख़ासी नाराज़गी दिख रही है.


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