भाजपा और माकपा ने प्रधानमंत्री से मांगा जवाब
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा, "प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य बनता है कि वह देश को बताएं कि उन्होंने पूर्व सांसद सुब्रमण्यम के पत्र का जवाब क्यों नहीं दिया।"
माकपा नेता बासुदेब अचार्य ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी उचित है।
अचार्य ने आईएएनएस को बताया, "वर्ष 2001 में जिस तरीके से 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन हुआ, उसके नुकसान के बारे में जानकारी 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के बाद हुई। प्रधानमंत्री को इस बारे में जानकारी थी, लेकिन वह चुप रहे। भ्रष्टाचार के साथ समझौता ठीक नहीं है।"
उधर, कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय ने जो टिप्पणी की है, उसे पूरे संदर्भ में जाने बिना कुछ कहना अपरिपक्वता होगी।"
उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार न्यायालय की टिप्पणी का विश्लेषण करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देगी।
उल्लेखनीय है कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में तत्कालीन दूरसंचार मंत्री ए. राजा के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुमति मांगी थी, स्वामी को यह अनुमति 15 महीने बाद मिली। जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने हैरानी जताई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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