चीन के साथ व्यापार बढ़ाना चाहते हैं भारतीय
नाथुला (सिक्किम), 16 नवंबर (आईएएनएस)। रेशम मार्ग के जरिए चीन से व्यापार बढ़ाने के लिए भारतीय व्यापारियों ने केंद्र सरकार से चीन से व्यापार के लिए मंजूरी प्राप्त वस्तुओं की सूची की समीक्षा की मांग की और इसकी संख्या बढ़ाने की मांग की है।
सिक्किम के व्यापारी टी. भूटिया ने आईएएनएस से कहा, "आयात-निर्यात की मंजूरी प्राप्त वस्तुओं की मौजूदा सूची में सुधार होना चाहिए और इसे नई पीढ़ी की जरूरतों के अनुरूप बनाया जाना चाहिए। व्यापारिक वस्तुओं की यह सूची दशकों पहले की है और दोनों देशों के बीच व्यापार में वृद्धि के लिए इसमें सुधार किया जाना चाहिए।"
भारत और चीन ने वर्ष 2006 में सिक्किम की राजधानी गंगटोक से 52 किलोमीटर दूर 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथुला दर्रे से व्यापार दोबारा शुरू किया था। दोनों देशों के बीच 1962 के युद्ध के बाद से यह पहला व्यापारिक संपर्क था।
इस मार्ग से दोनों देशों के बीच व्यापार काफी सुस्त रहा है। भारतीय व्यापारियों ने वर्ष 2009 में इसके जरिए 1.03 करोड़ रुपये का व्यापार किया वहीं तिब्बत के स्वायत्त क्षेत्र के व्यापारियों ने तीन लाख रुपये का व्यापार किया।
समझौते के मुताबिक मई से नवम्बर के बीच सप्ताह में चार दिन सोमवार से गुरुवार तक इस मार्ग के जरिए व्यापार हो सकता है।
सिक्किम के एक वरिष्ठ व्यापार एवं उद्योग अधिकारी ने कहा, "हम इस साल के लिए दोनों देशों के बीच हुए व्यापार के आंकड़े जुटा रहे हैं लेकिन इसमें पिछले साल के मुकाबले कोई खास वृद्धि के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं।"
सिक्किम के व्यापारियों और स्थानीय व्यापार संगठनों ने व्यापार के लिए मंजूरी प्राप्त वस्तुओं की सूची में इस्पात, सीमेंट, पेंट्स, हार्डवेयर सामग्री, परिधान, सौंदर्य प्रसाधन, परफ्यूम, प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद, दवाइयां, फूल और फलों को शामिल करने की मांग की है।
इस मार्ग को व्यापार के लिए खोलने के लिए किए गए समझौते में 15 चीजों को चीन से आयात के लिए सूचीबद्ध किया गया था जिसमें रेशम, याक और घोड़े शामिल थे। इसके साथ ही भारत से निर्यात के लिए 29 वस्तुओं को रखा गया था जिनमें कपड़ा, चाय, चावल और सब्जियां शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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