भारत का तापमान 2030 तक 2 डिग्री अधिक होगी!
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल और पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने यह रिपोर्ट जारी की।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय उपमहाद्वीप में वातावरण में ग्रीन हाउस गैस की सांद्रता बढ़ने के कारण यहां का वातावरण बढ़ेगा। इसमें कहा गया है कि 'एनुअल मीन सर्फेस एयर टेंपरेचर' में 1.7 से 2 सेल्सियस बढ़ोतरी हो सकती है।
इंडियन नेटवर्क फॉर क्लाइमेट चेंज एसेसमेंट (आईएनसीसीए) ने इस रिपोर्ट को तैयार किया है। इस रिपोर्ट में जलवायु परिवर्तन का कृषि, स्वास्थ्य, जल और जंगल पर पड़ने वाले प्रभावों का मूल्यांकन किया गया है। यह अध्ययन भारत के चार क्षेत्रों-हिमायलय, पश्चिमी घाट, तटीय क्षेत्र और उत्तर पूर्व-के संदर्भ में किया गया है। यह इस तरह की पहली रिपोर्ट है।
आईएनसीसीए से दुनिया भर के 120 शोध संस्थानों के 220 वैज्ञानिक जुड़े हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक तापमान तटीय क्षेत्रों में बढ़ेगा। समुद्र का जल स्तर ऊपर उठेगा, भयंकर सूखा और बाढ़ की स्थिति बनेगी, कुछ क्षेत्रों में मलेरिया का प्रकोप बढ़ सकता है।
इसके कुछ फायदे भी होंगे। समुद्री मछलियों की संख्या बढ़ सकती है और धान की पैदावार में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
2030 तक तुफानों की आवृति कम होगी लेकिन उसके असर में बढ़ोतरी होगी।
गौरतलब है कि सर्वाधिक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश है। इसने संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी लाने के लिए एक परियोजना शुरू की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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