राजा ने की प्रधानमंत्री की सलाह की अनदेखी : कैग (राउंडअप)
उधर, संसद में गतिरोध खत्म करने के लिए बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। इस बीच कांग्रेस ने कहा है कि वह कैग की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अपनी टिप्पणी देगी।
उधर, सर्वोच्च न्यायालय ने राजा के खिलाफ कार्रवाई के लिए अनुमति की मांग करने वाली जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत पर 16 महीने तक कुछ न करने और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर हैरानी जताई।
संसद में पेश अपने 96 पन्नों वाली रिपोर्ट में कैग ने कहा कि वर्ष 2007-08 में स्पेक्ट्रम के लिए 122 लाइसेंस और दोहरी प्रौद्योगिकी के लिए 35 लाइसेंस जारी किए जाने से सरकार को 1,76,645 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
कैग की रिपोर्ट में कहा गया है, "स्पेक्ट्रम आवंटन की पूरी प्रक्रिया मनमाने तरीके से की गई।'' रिपोर्ट के अनुसार नुकसान की जानकारी इस वर्ष के प्रारम्भ में 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार को हुई 67,000 करोड़ रुपये की आमदनी के आधार पर हुई है।
लोकसभा में इस रिपोर्ट को वित्त राज्य मंत्री एस.एस.पालानिमनिकम ने पेश किया। पालानिमनिकम राजा की पार्टी, डीएमके से सम्बद्ध हैं। राज्यसभा में दूसरे वित्त राज्य मंत्री नमो नारायण मीणा ने रिपोर्ट पेश की।
संसद के दोनों सदनों में पेश की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि राजा ने इस मामले में न केवल प्रधानमंत्री के सुझाव को दरकिनार किया था, बल्कि वित्त मंत्री और कानून मंत्री के सुझाव की भी अनदेखी कर 122 नए लाइसेंस जारी किए।
एक संवाददाता सम्मेलन में उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक लेखा गुप्ता से पूछा गया कि विभिन्न मंत्रालयों, प्रधानमंत्री, मंत्रिमंडल को किस आधार पर दोषमुक्त करार दिया गया है।
इसके जवाब में गुप्ता ने कहा, "हमने किसी को पाक-साफ करार नहीं दिया है। हमने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है।" गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से मांग पत्र की आखिरी तारीख भी बढ़ाई गई।
उधर, राजा ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में सरकार के रुख को स्पष्ट कर दिया गया है। वह इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि मामले पर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
उन्होंने कहा, "कानून को अपना काम करने दीजिए। मैं अपना बचाव सर्वोच्च न्यायालय में करूंगा। मैं बेदाग हूं। मैंने सभी निर्णय कानून के दायरे में किए हैं।"
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय को बताया गया कि याचिकाकर्ता स्वामी ने राजा के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से वर्ष 2008 में अनुमति मांगी थी, इसकी संस्तुति उन्हें 16 महीने बाद 2010 में मिली।
उधर, संसद में गतिरोध समाप्त करने के लिए सरकार द्वारा मंगलवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक बेनतीजा रही। विपक्षी पार्टियां 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले की जांच एक संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की मांग कर रही हैं, जिस पर सरकार तैयार नहीं है।
बैठक के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बताया, "विपक्षी नेताओं ने अपने विचारों से अवगत कराया है। वे इस मामले की जांच जेपीसी से कराना चाहते हैं। मैंने उनसे अपनी समस्या बताई है और कहा है कि इस मामले में पार्टी चर्चा करने के बाद उन्हें अपनी राय से अवगत कराएगी।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि उनकी पार्टी जेपीसी की जांच चाहती है। माकपा ने सरकार से यह भी कहा कि वह जेपीसी की तरह किसी अन्य तंत्र से भी जांच कराने की सलाह दे सकती है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सरकार ने साफ कर दिया है कि संसद में चर्चा के साथ ही मामले की सत्यता तक पहुंचने में और भी कई रास्ते हैं।
उन्होंने बताया कि संसद में जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए गुरुवार को फिर से सर्वदलीय बैठक बुलाई जाएगी।
उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन विवाद में पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए. राजा की भूमिका होने का आरोप लगाया। प्रसाद ने कहा कि इस मामले की जांच एक जेपीसी से होनी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा, "हमने प्रणब मुखर्जी को बताया कि आवंटन मामले में राजा की भूमिका है और हम चाहते हैं कि जेपीसी इस मामले की जांच करे और दोषियों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाए।"
स्पेक्ट्रम घोटाले सहित भ्रष्टाचार के अन्य मामलों की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग को लेकर विपक्षी दलों के अड़े रहने की वजह से मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
उधर, कांग्रेस ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले पर पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद ही वह उस पर कोई टिप्पणी करेगी।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने यहां कहा, "कैग रिपोर्ट संसद में पेश कर दी गई है। हम इसका अध्ययन करने के बाद इस पर प्रतिक्रिया देंगे।"
ज्ञात हो कि विपक्ष द्वारा बर्खास्तगी की मांग पर अड़ जाने के बाद ए.राजा ने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पद से रविवार की रात इस्तीफा दे दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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