कैग को सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : प्रधानमंत्री (लीड-1)
कैग की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर मनमोहन सिंह ने कहा, "यह अवसर हमारी सरकार के कार्य में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के व्यापक उपायों के हिस्से के रूप में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के संस्थान को सुदृढ़ करने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता के प्रति संकल्प दोहराने का है।"
देश के शीर्ष अंकेक्षण संस्थान की रिपोर्ट को पूरी तरह सही और संतुलित रखने की जरूरत पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कैग की रिपोर्ट को सरकार, संसद और मीडिया और जनता 'काफी गंभीरता' से लेते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, "कभी-कभी ऐसा होता है कि निष्पक्ष आलोचना और कमियां खोजने के बीच मामूली सा फर्क रह जाता है। इसको देखते हुए हमारे लोकतंत्र के एक अहम पहरेदार के रूप में कैग को कौशल बढ़ाना चाहिए।"
2जी स्पेक्ट्रम आवंटन विवाद पर मंगलवार को राज्यसभा में रखी गई कैग की रिपोर्ट में कहा गया है कि रविवार तक दूरसंचार मंत्री रहे ए.राजा 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस के आवंटन में अनियमितताओं से सरकार को 1,70,000 करोड़ रुपये की क्षति पहुंचाने के जिम्मेदार हैं।
कैग को लोकतंत्र का पहरुआ बताते हुए सिंह ने कहा, "यह जरूरी है कि यह संस्थान स्वाभाविक त्रुटियों और गड़बड़ियों के फर्क का सही आकलन करे तथा नीति निर्धारण प्रक्रियाओं की परिस्थितियों और संदर्भ की सराहना भी करे।"
उन्होंने कहा कि बीते 150 वर्षो के दौरान कैग ने बहुत विश्वसनीयता हासिल की है, परंतु वक्त बदल रहा है और इसके साथ हमारी जरूरतें भी बदल रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वक्त में कैग को क्षमताएं और कौशल बढ़ाना चाहिए क्योंकि पूरा राष्ट्र इसकी अपेक्षा करता है और आगे भी करता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार कैग की रिपोर्ट पर तुरंत और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उपाय कर रही है।
सिंह ने कहा, "मैं नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट अधूरी रहने और विलम्ब से आने के प्रति सचेत और चिंतित हूं। वित्त मंत्रालय ने बहुत सारी पहल की है, इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि इससे इस क्षेत्र में काफी सुधार आएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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