कांग्रेस, संघ कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष, 7 घायल (लीड-1)
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2007 के अजमेर बम विस्फोट में राजस्थान और महाराष्ट्र के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) द्वारा संघ के कई वरिष्ठ नेताओं को आरोपी बनाने के विरोध में आरएसएस ने राज्य के सभी 24 जिलों में धरने का आयोजन किया था।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "संघ के कार्यकर्ता अलबर्ट एक्का चौक के पास प्रदर्शन कर रहे थे, तभी कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां के.सी. सुदर्शन का पुतला जलाना शुरू किया।"
अधिकारी ने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ता आरएसएस के पूर्व प्रमुख के.सी. सुदर्शन द्वारा हाल ही में सोनिया गांधी पर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शीघ्र ही स्थिति हिंसक हो गई। संघर्ष में दोनों पक्षों के सात कार्यकर्ता घायल हो गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरएसएस के धरने के लिए लगाए गए तंबुओं को आग के हवाले कर दिया।
दोनों पक्षों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले धरने को संघ के अखिल भारतीय प्रचारक मदन दास देवी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अजमेर विस्फोट मामले में संघ नेताओं को गलत तरीके से फंसाया है।
झारखण्ड के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने बताया, "आरएसएस ने अपने प्रदर्शन की योजना एक सप्ताह पहले बनाई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदर्शन के लिए जानबूझकर इस जगह का चुनाव किया। उन्होंने आरएसएस कार्यकर्ताओं पर हमले किए और तंबू में आग लगा दी।"
उधर, कांग्रेस ने हिंसा के लिए आरएसएस कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप बालमूचू ने कहा, "कांग्रेस कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन पर आरएसएस कार्यकर्ताओं ने हमला किया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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