नवजात शिशु से अलग किया गया भ्रूण
रायपुर स्थित बाल गोपाल चिल्ड्रन हॉस्पिटल के निदेशक अशोक भत्तर ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, "सोनोग्राफी रिपोर्ट देखकर हम आश्चर्यचकित थे। इस रिपोर्ट में 12 अक्टूबर को जन्मे बच्चे के पेट में क्रिकेट की एक गेंद के आकार का अल्पविकसित भ्रूण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।"
भत्तर ने चिकित्सकों के एक दल के साथ 13 नवंबर को शल्य चिकित्सा द्वारा शिशु के पेट से भ्रूण को अलग किया था। भ्रूण की आंखें और नाखून बहुत हद तक विकसित हो गए थे।
धमतरी जिले के अभानपुर क्षेत्र में टिकमचंद साहू और भिलेश्वरी के घर इस बच्चे का जन्म हुआ था। सामान्य प्रसव के जरिए बच्चा जन्मा था।
चौबीस वर्षीय भिलेश्वरी कहती हैं, "उसके जन्म के बाद से ही हम उसकी जिंदगी के प्रति बहुत डरे हुए थे क्योंकि उसके पेट में मांस का एक टुकड़ा दिखाई दे रहा था और मेरे बेटे को हमेशा ही दर्द होता रहता था। मैं एक गरीब परिवार से हूं इसलिए मैं बहुत तनाव में थी लेकिन रायपुर के चिकित्सकों ने मेरे बेटे को नया जीवन दिया है।"
बच्चा अब खतरे से बाहर है और उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
भत्तर ने बताया कि इस स्थिति को 'फीटस-इन-फीटू' कहा जाता है। यह एक दुर्लभ जन्मजात विकृति है, जिसमें एक भ्रूण के शरीर के अंदर एक विकृत भ्रूण विकसित हो जाता है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में यह दुर्लभ घटना है लेकिन ऐसा भी नहीं है कि इस तरह की घटनाओं के बारे में पहले नहीं सुना गया हो। छत्तीसगढ़ में यह इस तरह का पहला मामला था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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