शरीर से बाहर है नवजात शिशु का दिल
जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर अनगौर में रहने वाले अशोक साहू की पत्नी सीता बाई ने एक बच्चे को जन्म दिया। यह बच्चा पूरी तरह सामान्य है मगर उसका दिल उसके सीने पर रखा हुआ है। दिल पूरी तरह काम कर रहा है। बच्चा मां का दूध पी रहा है और स्वस्थ्य है।
नवजात का दिल बाहर देखकर हर कोई हैरान रह गया। शिशु को उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां उसे विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
छतरपुर जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लखन लाल तिवारी ने बताया कि नवजात शिशु भाग्यशाली है क्योंकि सामान्य प्रसव के दौरान उसके दिल को किसी तरह की क्षति नहीं हुई। शरीर से दिल के बाहर होने की स्थिति को 'एक्सट्रो कार्डिया' कहा जाता है।
शल्य चिकित्सक डॉ. के.के. चतुर्वेदी का कहना है कि इस तरह के बहुत कम मामले सामने आए हैं। संभवत: यह दुनिया का 10वां ऐसा मामला है जिसमें नवजात का दिल शरीर से बाहर है। इस तरह के बच्चे कुछ ही दिन जिंदा रहते हैं।
साहू की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है इसलिए जिला प्रशासन ने आर्थिक सहायता मंजूर कर नवजात को उपचार के लिए दिल्ली भेजा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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