पश्चिम बंगाल में महिला नक्सली ने किया आत्मसमर्पण
रुम्पा महतो समर्पण करने वाली चौथी नक्सली और दूसरी महिला नक्सली हैं, जिन्होंने तीन महीने पहले राज्य में समर्पण नीति बनने के बाद समर्पण किया है।
बांकुरा के पुलिस निरीक्षक प्रणव कुमार ने कहा कि रुम्पा ने मंगलवार दोपहर अपने हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया।
रुम्पा उर्फ सुजाता उर्फ अष्टमी पश्चिमी मिदनापुर के झारग्राम के निकट नयाग्राम में नक्सलियों की स्वयंभू डिप्टी कमांडर थी। कुछ महीने पहले उसे भगोड़ा घोषित किया गया था।
कुमार ने कहा कि कुछ दिनों पहले उसने पुलिस को समर्पण की इच्छा बताई थी।
कुमार ने आईएएनएस को फोन पर बताया कि पश्चिमी मिदनापुर में समर्पण करने से यह खतरा था कि वरिष्ठ नक्सली उसपर हमला कर सकते हैं। इसलिए रुम्पा ने बांकुरा में समर्पण किया।
उसने कहा कि रुम्पा की भर्ती नक्सलियों ने लालगढ़ दस्ते में की थी। बाद में उसकी हैसियत बढ़ाते हुए इसे नयाग्राम का स्वयंभू डिप्टी कमांडर बना दिया गया। पुलिस को कई मामलों में उसकी तलाश थी।
समर्पण करने के बाद रुम्पा ने कहा कि नक्सली वैसा ही अन्याय कर रहे हैं, जिस तरह के अन्याय के खिलाफ लड़ने का वे दावा करते हैं। इसलिए उसने आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन बिताने का फैसला किया।
रुम्पा पश्चिमी मिदनापुर में लालगढ़ के निकट सालबोनी की रहने वाली है। उसने दूसरी महिला नक्सलियों से भी आत्मसमर्पण करने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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