'रिश्वत मांगने वाले का नाम बताएं टाटा'
तत्कालीन प्रधानमंत्री एच.डी.देवेगौड़ा की सरकार में नागरिक उड्डयन मंत्री रहे इब्राहिम ने यहां संवाददाताओं को बताया, "उस समय कानून किसी विदेशी विमानन कम्पनी को घरेलू विमानन सेवा शुरू करने की अनुमति नहीं देता था। मैंने रतन टाटा को यह साफ कर दिया था।"
इब्राहिम, रतन टाटा द्वारा सोमवार को दिए गए उस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक उद्योगपति ने उनसे कहा था "आप लोग बेवकूफ हैं। आपको पता है कि मंत्री 15 करोड़ रुपये चाहता है। फिर आप उसे क्यों भुगतान नहीं करते?"
दरअसल टाटा समूह, सिंगापुर एयरलाइन्स के साथ मिलकर 1990 के दशक में एक विमानन कम्पनी शुरू करना चाहता था। टाटा समूह ने बेंगलुरू में एक नया अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा बनाने की भी कोशिश की थी, लेकिन इसके लिए भी उसे मंजूरी नहीं मिली थी।
इब्राहिम फिलहाल कांग्रेस में हैं। उन्होंने कहा, "वे हवाईअड्डा विकसित करना, उसे संचालित करना और उसका स्वामित्व हासिल करना चाहते थे। मैंने उनसे कहा था कि इसे 30 वर्षो बाद सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए। मैं इसे बीओटी (विकसित करो-संचालित करो-स्थानांतरित करो) के आधार पर चाहता था। वे इस पर राजी नहीं हुए।"
इब्राहिम ने कहा कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार हैं और वास्तव में वह एक जांच शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री को लिखने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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