म्यांमार में लोकतंत्र बहाल होगा : सू ची
सू ची (65) ने यंगून में अपनी पार्टी, नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के मुख्यालय में बीबीसी संवाददाता जॉन सिम्पसन को बताया कि उनका लक्ष्य म्यांमार में एक शांतिपूर्ण क्रांति के लिए था, लेकिन वह सैन्य सरकार को गिराना नहीं चाहती थीं, बल्कि चाहती थीं कि उसमें बदलाव आए और वह देश की बेहतर सेवा करे।
म्यांमार की आजादी के नायक आंग सान की बेटी, सू ची ने कहा, "मैं सैन्य सरकार को गिराना नहीं चाहती थी। मैं सेना को व्यावसायिकता और सच्ची देशभक्ति की सम्मानजनक ऊंचाई पर देखना चाहती थी।"
सू ची ने कहा, "मैं समझती हूं कि यह बिल्कुल स्पष्ट है कि लोग क्या चाहते हैं। लोग सुरक्षा और आजादी पर आधारित मात्र बेहतर जिंदगी चाहते हैं।" लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह सैन्य शासन के अहिंसक अंत की भी आशा रखती हैं।
सू ची ने कहा, "मैं समझती हूं कि हमें इसके लिए भी कोशिश करनी है। सेना के संदर्भ में मखमली क्रांति थोड़ी चकित करने वाली लगती है, लेकिन अहिंसक क्रांति नहीं। आइए अहिंसा के रास्ते पर चलें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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