हमले के दौरान ब्रिटिश सांसदों को भागने की नसीहत
सरकार की ओर से इस तरह की किसी अनहोनी से निपटने के लिए एक आपात योजना तैयार की गई है। इस योजना का विवरण सांसदों को भी ई-मेल से भेजा गया है। सांसदों के अलावा धर्म गुरुओं, शोधकर्ताओं, अधिकारियों और दूसरे सरकारी कर्मचारियों को भी इस योजना से अवगत कराया गया है।
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली टेलीग्राफ' के अनुसार संसद के सभी कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि आतंकी हमले की सूरत में वे नजदीकी रास्तों से बाहर भागने की कोशिश करें। उनसे कहा गया है कि अगर उनका कोई साथी कर्मचारी घायल है तो उस स्थिति में वह रुकें अन्यथा सुरक्षित निकल जाएं।
इस आपात योजना में कहा गया है अगर मुम्बई हमले के दौरान लोग भागने में सफल हुए होते तो कई जानें बच सकती थीं। इसमें कर्मचारियों को याद दिलाया गया है कि वह पूरी सावधानी बरते क्योंकि मुम्बई हमला तीन दिनों तक चला था।
ब्रिटिश सरकार ने इस योजना में हमले के दौरान बचाव और प्रतिक्रिया की पूरी रूपरेखा तैयार की है। इसमें कहा गया है कि आतंकी हमले की स्थिति में कर्मचारियों को सतर्क किया जाएगा, इसके बाद वे बाहर भागने की कोशिश करें।
गौरतलब है कि 26 नवंबर, 2008 को पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने मुम्बई के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर हमला किया था। इस हमले में लगभग 166 लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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