कैग को कौशल बढ़ाने की जरूरत : प्रधानमंत्री
कैग की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर मंगलवार को प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र के एक पहरेदार के रूप में कैग के लिए जरूरी है कि वह स्वाभाविक त्रुटियों और गड़बड़ियों के फर्क का सही आकलन करे तथा नीति निर्धारण प्रक्रियाओं की परिस्थितियों और संदर्भ की सराहना भी करे।
उन्होंने कहा, "कैग की रिपोर्ट को मीडिया, जनता, सरकार और संसद सभी गम्भीरता से लेते हैं। ऐसे में कैग की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि उसकी रिपोर्ट सही, संतुलित और निष्पक्ष हो।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "कभी-कभी ऐसा होता है कि निष्पक्ष आलोचना और कमियां खोजने के बीच मामूली सा फर्क रह जाता है। इसको देखते हुए हमारे लोकतंत्र के एक अहम पहरेदार के रूप में कैग को कौशल बढ़ाना चाहिए।"
उन्होंने कहा कि बीते 150 वर्षो के दौरान कैग ने बहुत विश्वसनीयता हासिल की है, परंतु वक्त बदल रहा है और इसके साथ हमारी जरूरतें भी बदल रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा वक्त में कैग को क्षमताएं और कौशल बढ़ाना चाहिए क्योंकि पूरा राष्ट्र इसकी अपेक्षा करता है और आगे भी करता रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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