धमनियों में आयरन, दिल के लिए खतरा
मायो क्लिनिक द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक शोधकर्ताओं के एक दल का कहना है कि 'डूअल एनर्जी कम्प्यूटेड टोमोग्राफी' (डीईसीटी) और '3डी कम्प्यूटराइज्ड टोमोग्राफी' (सीटी) के जरिए किए गए माइक्रो-स्कैन्स से धमनियों की आंतरिक सतह पर हुए जमाव में मौजूद अतिरिक्त आयरन का पता लगाया जा सकता है।
इस शोध से एक ऐसी स्कैनिंग युक्ति विकसित की जा सकती है जिसके जरिए मरीज के शरीर में बिना शल्य चिकित्सा के कुछ पदार्थो के खतरनाक जमाव का पता लगाया जा सकता है।
अमेरिका के मायो क्लिनिक की अध्ययनकर्ता बिरगिट कैंटोर कहती हैं, "हम जानते हैं कि दिल के दौरे के 70 प्रतिशत मामलों का कारण धमनियों में खतरनाक पदार्थो का जमाव है। इसलिए जरूरी है कि हम मरीज के शरीर में इनका पता लगाकर उनकी पहचान कर सकें।"
कैंटोर के मुताबिक ये स्कैन बताते हैं कि दिल की धमनियों में जमाव के चलते वे संकरी हो जाती हैं लेकिन इससे यह पता नहीं चलता है कि रक्त वाहिनियों की अंदर होने वाला यह जमाव खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि अध्ययन के परिणामों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि दिल के लिए खतरे को पता लगाने के लिए आयरन का एक प्राकृतिक चिन्हक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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