प्रवासी सम्पत्ति कानून में संशोधन के लिए विधेयक पेश
नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में वह विधेयक पेश किया जो भारतीय मुस्लिमों को विधि सम्मत उत्तराधिकारी होने पर 1947 में देश विभाजन के दौरान विस्थापित होकर पाकिस्तान गए उनके रिश्तेदारों की सम्पत्ति का दावा करने का अधिकार दिलाएगा।
केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदम्बरम ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले पर हंगामे के बीच विधेयक को सदन पटल पर रखा। दरअसल, 40 वर्ष से अधिक पुराने इस विधेयक में संशोधन की दरकार है। इस विधेयक को शत्रु सम्पत्ति अधिनियम,1968 कहा जाता है। सरकार ने पिछले महीने इस अधिनियम में बदलाव की मांग स्वीकार की थी, लेकिन इसे कानून बनने से पहले संसद की मंजूरी जरूरी है।
'शत्रु सम्पत्ति (संशोधन एवं वैधीकरण) द्वितीय विधेयक, 2010' शीर्षक इस विधेयक में प्रस्तावित है कि कानूनी तौर पर उत्तराधिकारी मालिक को वैधानिक तौर पर कही गई 'शत्रु सम्पत्ति' से वंचित किया जा सकता है।
मूल कानून के अनुसार संरक्षक के रूप में सरकार को अधिकार होगा कि वह ऐसी सम्पत्तियां किसी भी व्यक्ति को किराये पर दे सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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