पर्यटक अध्यादेश-2010 विधानसभा में पेश होगा : दीक्षित

दीक्षित ने बताया कि पर्यटकों के साथ दलालों के दुर्व्यवहार से निपटने के लिए कोई स्पष्ट कानून नहीं है, इसलिए विधेयक का मसौदा तौयार किया गया। इसे 23 नवंबर से शुरू हो रहे विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। विधानसभा द्वारा पारित नया कानून उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसे पहली अक्टूबर को उपराज्यपाल ने जारी किया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में कहा गया कि नए अध्यादेश से पर्यटकों के साथ गलत व्यवहार को रोका जा सकेगा। गलत व्यवहार करने वाले को एक वर्ष की कैद या 10,000 रुपये का जुर्माना या दोनों भुगतना होगा।

अध्यादेश के अनुसार पर्यटकों के साथ अपराध की कोशिश करने पर दोषी को तीन माह की कैद या 2,000 रुपये जुर्माना या दोनों भुगतना होगा।

बैठक के बाद दीक्षित ने संवाददाताओं को बताया कि अध्यादेश के मसौदे को उपराज्यपाल की अनुमित केबाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास भेजा गया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मसौदे को अंतिम रूप देने के बाद उसे दिल्ली सरकार के पास भेज दिया और यह सूचित किया कि संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति का निर्देश है कि उपराज्यपाल इसके लिए अध्यादेश जारी करें।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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