'भारत-कनाडा के बीच मुक्त व्यापार बड़ा आर्थिक अवसर'
टोरंटो, 15 नवंबर (आईएएनएस)। भारत के साथ व्यापार कनाडा के लिए नया रेशम मार्ग साबित हो सकता है। यह मानना है कनाडा के एक प्रमुख टीवी चैनल का।
भारत-कनाडा मुक्त व्यापार समझौता के संबंध में शुरू की गई बातचीत का स्वागत करते हुए कनाडा के प्रमुख टीवी चैनल सीटीवी नेटवर्क की एक रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों देश एक आदर्श व्यापारिक साझेदार हैं, जो आपस में अभी कम व्यापार कर रहे हैं। कनाडा को मुक्त व्यापार की पहल का स्वागत एक बड़े आर्थिक अवसर के रूप में करना चाहिए।
चैनल ने कहा कि भारत यद्यपि अभी भी एक गरीब देश है, लेकिन यहां प्रचुर संभावनाएं हैं। इसकी अर्थव्यवस्था 7 से 8 फीसदी की दर से बढ़ रही है। कम तनख्वाह वाले कॉल सेंटर की जगह अधिक तनख्वाह और दक्षता वाला सेवा क्षेत्र लेता जा रहा है।
जैसे-जैसे भारत का विकास होगा, वहां कनाडा की कमोडिटी और निर्मित सामानों की जरूरत बढ़ती जाएगी, जैसे- तिलहन, रसायन, आदि। साथ ही मध्यवर्ग को आधुनिक अर्थव्यवस्था के औजारों की पहले से अधिक जरूरत पड़ेगी, जैसे- वित्त, शिक्षा, दूरसंचार सेवा, आदि। इन क्षेत्रों में कनाडा मजबूत स्थिति में है।
इसमें कहा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था का वैश्वीकरण हो रहा है। पिछले 10 सालों में इसके सीमा शुल्क में दो-तिहाई की गिरावट आई है।
राजनीतिक अवसर का उल्लेख करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मुक्त व्यापार के समर्थक हैं और उनकी सरकार अभी संरक्षणवादी खेमे के सहारे नहीं चल रही है।
'यदि अमेरिकी व्यापार पर निर्भरता से मुक्त होना है तो कनाडा को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए। बेल्जियम और आस्ट्रेलिया जैसे देश भारत के साथ कनाडा की तुलना में अधिक व्यापार कर रहे हैं। कनाडा से भारत में जितना प्रत्यक्ष निवेश हो रहा है उससे अधिक निवेश भारतीय कारोबारी कनाडा में कर रहे हैं। '
चैनल में कहा गया कि कनाडा में भारतीय मूल के करीब 10 लाख लोग रहते हैं, जो आपसी व्यापार को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। भारत कनाडा के लिए दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया में प्रवेश का मार्ग हो सकता। वहीं भारत के लिए कनाडा अमेरिकी बाजार में प्रवेश का रास्ता हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया कि फिलहाल कृषि शुल्क को कम करने में कठिनाई हो सकती है। इसलिए दोनों देशों को अन्य शुल्कों और गैर शुल्कीय बाधाओं जैसे वीसा पर पाबंदी, आदि को हटाने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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