अफगानिस्तान में 2,600 साल पुराना बौद्ध मठ मिला
एशिया और मध्य पूर्व को जोड़ने वाली प्रसिद्ध सिल्क रोड के किनारे मिले सातवीं शताब्दी ईसा पूर्व के इस धार्मिक स्थल को सहेजने के लिए पुरातत्वविद वहां पहुंच रहे हैं।
अब तक वहां 150 से ज्यादा मूर्तियां मिली हैं जबकि कई अवशेष अब भी दबे हुए हैं। जो बड़ी मूर्तियां हैं उन्हें उस स्थान से हटाना मुश्किल है और जो छोटी हैं उन्हें निकालते समय बिखरने से बचाने के लिए जिन रसायनों की आवश्यकता है, वहां मौजूद टीम के पास उनकी कमी है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक अवशेषों में मठ के साथ स्तूप भी हैं जो खदान में एक बार काम शुरू होने के बाद बड़े पैमाने पर नष्ट हो सकते हैं।
इन अवशेषों का पता उस समय चला जब चीनी कम्पनी 'चायना मेटालर्जिकल ग्रुप कॉर्प.' उनके नीचे छुपी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी तांबे की खदान में खनन की कोशिश कर रही थी।
कम्पनी 2011 के अंत में इस जगह को खदान में तब्दील करना चाहती थी लेकिन काबुल सरकार के साथ एक अनौपचारिक सहमति के बाद पुरातत्वविदों को उत्खनन के लिए तीन साल का समय दिया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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