स्पेक्ट्रम घोटाला : सरकार का जेपीसी जांच से इंकार (लीड-3)

नई दिल्ली, 15 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से काराने की विपक्ष की मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया। इस पर विपक्ष के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही फिर रोकनी पड़ी।

संवाददाताओं से अलग-अलग बातचीत करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी एवं केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने मामले की जांच जेपीसी से काराने मांग खारिज कर दी।

दोनों मंत्रियों ने कहा कि नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट जल्द ही सदन पटल पर रखी जाएगी। इस मामले को लोक लेखा समिति (पीएसी) देखेगी, जिसके अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता मुरली मनोहर जोशी हैं।

लोकसभा के नेता मुखर्जी ने संसद भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा, "कैग की रिपोर्ट सदन पटल पर रखे जाने और मामला पीएसी के पास भेजे जाने के बाद जेपीसी के गठन का सवाल ही नहीं उठता। यह संसदीय प्रावधान है और इसमें कोई उलटफेर नहीं कर सकता।"

मुखर्जी ने नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि जेपीसी के गठन की मांग के पीछे विपक्ष का मकसद केवल सदन की कार्यवाही बाधित करना है।

सोमवार को संसद के दोनों सदनों में गतिरोध जारी रहा। विपक्षी दलों ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गठन की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित करनी पड़ी।

उल्लेखनीय है कि आरोपों से घिरे केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए.राजा ने रविवार रात इस्तीफा दे दिया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि इस मामले पर राजा का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस पर जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए। इसी को लेकर सोमवार को कार्यवाही आरम्भ होते ही दोनों सदनों में हंगामा शुरू हो गया। इसी मसले पर बीते सप्ताह भी संसद की कार्यवाही बाधित हुई थी।

लोकसभा में भाजपा और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। हंगामा न थमता देख लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इस कारण सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित करनी पड़ी।

राज्यसभा की स्थिति भी लोकसभा से अलग नहीं थी। परिणामस्वरूप सभापति हामिद अंसारी ने भी सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा आरम्भ होने पर हंगामा नहीं थमा। उपसभापति के. रहमान खान ने कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी।

संसद के बाहर भी विपक्ष खासकर भाजपा ने भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग दोहराई।

चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में राजा के इस्तीफे को अपर्याप्त बताते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

गडकरी ने सोमवार को पटना में संवाददाताओं से कहा, "यह घोटाला एक लाख, 76 हजार करोड़ रुपये का है और इतना बड़ा घोटाला अकेले किसी एक मंत्री के बूते की बात नहीं है। इस मामले में मंत्री समूह, प्रधानमंत्री कार्यालय सहित कई और लोग शाामिल रहे होंगे।"

इधर, राष्ट्रमंडल खेलों के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ा मामला लोक लेखा समिति के पास जाएगा और इसका इंतजार किया जाना चाहिए।

दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन मामलों की जांच सिर्फ जेपीसी ही सही ढंग से कर सकती है। पार्टी के नेता चंदन मित्रा ने संवाददाताओं से कहा, "जेपीसी की जांच एजेंसियों की जांच से अलग होती है। सीबीआई से लोगों का विश्वास खत्म हो चुका है।"

वहीं भाजपा नेता एस.एस. अहलूवालिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम 2जी मामले, राष्ट्रमंडल खेल और आदर्श सोसाइटी घोटले की जेपीसी से जांच चाहते हैं।"

उन्होंने कहा कि पार्टी जेपीसी के लिए अडिग है। सरकार का यह दावा कि स्पेक्ट्रम आवंटन विवाद पर नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) की रिपोर्ट लोक लेखा समिति (पीएसी) देखेगी, संतोषप्रद नहीं है।

अहलूवालिया ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं ने सोमवार सुबह जेपीसी के लिए दबाव बनाने का निर्णय लिया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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