बिहार चुनाव : छठें चरण का मतदान पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस मुख्यालय ने सभी 26 सीटों को नक्सल प्रभावित घोषित कर दिया है और उसी अनुरूप सुरक्षा तैयारी आरम्भ कर दी है। दूसरी ओर नक्सलियों ने भी अपने चुनाव बहिष्कार के एजेंडे के तहत मतदाताओं में दहशत फैलाना शुरू कर दिया है।
नक्सलियों ने गया, रोहतास, कैमूर तथा औरंगाबाद जिले के दर्जनों गांवों में पेास्टर चिपकाकर चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। नक्सलियों ने मतदाताओं मतदान में हिस्सा न लेने की धमकी दी है।
नक्सलियों ने रविवार देर रात औरंगाबाद जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के लहंगकरमा गांव के पास बारूदी सुरंग विस्फोट कर एक पुलिया उड़ा दी, जबकि शनिवार की रात रोहतास जिले में बौलिया के पास विस्फोट कर एक पुलिया क्षतिग्रस्त कर दी थी। इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी। पुलिस ने यहां से विस्फोटकों से भरा एक बैग भी बरामद किया है। इसके पूर्व गया जिले में भी नक्सलियों ने एक सप्ताह के अंदर कई वारदातों को अंजाम दिया है।
राज्य के पुलिस महानिदेशक नीलमणि भी मानते हैं कि प्रथम पांच चरणों की तुलना में छठें चरण का मतदान पुलिस के लिए चुनौती है। उन्होंने कहा कि सभी मतदान केन्द्रों पर अद्र्घसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि छठें चरण के मतदान के लिए पुलिस द्वारा अलग रणनीति बनाई गई है।
नीलमणि ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। छठें चरण के तहत आने वाले सभी क्षेत्रों में पहले से ही नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी शुरू कर दी गई है।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि 16 विधानसभा क्षेत्रों में सुरक्षा के मद्देनजर सुबह सात बजे से तीन बजे तक मतदान पहले से तय है। आवश्यकता पड़ने पर अन्य क्षेत्रों में भी मतदान के समय में परिवर्तन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि खुफिया विभाग ने छठे चरण के मतदान के पूर्व बड़े नक्सली हमले की आशंका जताई है।
गौरतलब है कि पांच चरणों में अब तक विधानसभा की 217 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। निर्वाचन आयोग ने राज्य की 243 सीटों के लिए छह चरणों में 21, 24 और 28 अक्टूबर तथा 1, 9 और 20 नवंबर को मतदान की तिथि घोषित की थी। सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवंबर को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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