कनाडा में भारतीय कार्य वीजा, ओसीआई कार्ड की भारी मांग
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 15 नवंबर (आईएएनएस)। कनाडा के प्रवासी भारतीयों में भारत की विदेशी नागरिकता (ओसीआई) लेने की होड़ मच गई है। यही नहीं भारत के लिए कार्य वीजा चाहने वालों की संख्या में भी तेजी के साथ बाढ़ आई है। इसमें ज्यादातर श्वेत कनाडाई शामिल हैं।
वर्ष 2006 में जब से ओसीआई योजना शुरू हुई है, ओसीआई कार्ड चाहने वाले भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों की संख्या दोगुनी हो गई है। अकेले टोरंटो स्थित भारतीय मिशन में प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक लोग ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं।
ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग के अलावा भारत टोरंटो और वेंकुवर में महावाणिज्य दूतावास चलाता है। वास्तव में न्यूयार्क के बाद टोरंटो वाणिज्य दूतावास सबसे व्यस्त भारतीय मिशन है।
भारतीय महावाणिज्यदूत प्रीति सरन ने यहां आईएएनएस को बताया, "कनाडा में अधिक से अधिक लोग ओसीआई कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं, क्योंकि यह जीवनर्पयत के लिए है, जबकि पीआईओ (पर्सन ऑफ इंडियन ओरिजिन) मात्र 15 वर्षो के लिए। ओसीआई कार्ड हासिल करने के इस रुझान ने पिछले दो-तीन वर्षो से वाकई में जोर पकड़ लिया है।"
मतदान, चुनाव लड़ने, सरकारी नौकरी पाने और कृषि भूमि खरीदने के अधिकार के अलावा ओसीआई कार्ड भारतीय नागरिकता के लिए बहुत अच्छा है।
सरन ने कहा, "हमने 2006 में 6,279 ओसीआई कार्ड जारी किया था, लेकिन पिछले वर्ष यह संख्या बढ़ कर 10,457 हो गई। हमें भरोसा है कि इस वर्ष हम इस आंकड़े को भी पार कर जाएंगे।"
ओसीआई कार्ड चाहने वाले भारतीय मूल के कनाडाई नागरिकों की संख्या में बढ़ोतरी का अर्थ यह नहीं है सामान्य वीजा चाहने वालों की संख्या घट गई है। सरन ने कहा, "हमने पिछले वर्ष 72,527 सामान्य वीजा जारी किया था, और जिस तरह का रुझान बना हुआ है, उससे ऐसा लगता है कि इस वर्ष यह संख्या निश्चित रूप से बढ़ जाएगी।"
ध्यान देने योग्य बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग भारत के लिए कार्य वीजा मांग रहे हैं और इनकी संख्या में तेजी के साथ वृद्धि हो रही है। इनमें ज्यादातर श्वेत कनाडाई नागरिक हैं।
सरन ने कहा, "इस रुझान में भी पिछले दो-तीन वर्षो के दौरान तेजी आई है। हमने 2009 में जहां भारत के लिए 122 रोजगार वीजा जारी किया था, वहीं इस वर्ष हम पहले ही 146 रोजगार वीजा जारी कर चुके हैं। चूंकि भारत की वृद्धि दर ऊंचाई पर जा रही है, लिहाजा मुख्यधारा के श्वेत कनाडाई भी हमारे देश में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों या भारतीय कम्पनियों में काम करने के लिए कार्य वीजा मांग रहे हैं।"
सरन के अनुसार भारत में चिकित्सा पर्यटन भी तेजी के साथ बढ़ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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