2जी घोटाले की विस्तृत जांच हो : जयललिता
जयललिता ने इस बात को परेशान करने वाला और चिंताजनक बताया कि इस्तीफे के आधिकारिक संस्करण में इस बात का जिक्र नहीं है कि प्रधानमंत्री ने राजा को इस्तीफा देने के लिए कहा।
ज्ञात हो कि राजा ने रविवार रात इस्तीफा दे दिया था। वह तमलिनाडु में एआईएडीएमके की धुर विरोधी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) से सम्बद्ध हैं।
जयललिता ने यहां एक बयान में कहा, "..इस्तीफे के आधिकारिक संस्करण में कहा गया है कि डीएमके नेता एम.करुणानिधि ने राजा को इसलिए इस्तीफा देने के लिए कहा, क्योंकि उनके कारण संसद की कार्यवाही हर रोज बाधित हो रही थी और वह चाहते थे कि संसद का कामकाज अबाध रूप से जारी रहे। इसके साथ ही इसमें यह भी लिखा है कि राजा ने कोई गलत काम नहीं किया है, वह बेगुनाह हैं।"
जयललिता ने कहा कि इस्तीफे का यह अर्थ नहीं है कि "सभी घोटालों की जड़ साफ हो गई है। यह तो मात्र शुरुआत है। केंद्र सरकार को अभूतपूर्व रूप से 173,379 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।"
जयललिता ने आरोप लगाया कि राजा और उनसे जुड़े लोगों व संस्थानों ने संदिग्ध सौदे किए हैं। उन्होंने इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के साथ ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की, जो संसद को इस पूरे मुद्दे पर जानकारी देगी।
जयललिता ने आगे कहा, "इसके अलावा राजा को भी भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोपित किया जाना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए तथा इतिहास के सबसे बड़े घोटाले को अंजाम देने के लिए उन पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए।"
जयललिता ने कहा, "प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग को भी इस मामले में सक्रिय करना चाहिए। तब न्याय हो पाएगा। और तभी इस्तीफे का कोई मतलब हो सकता है, अन्यथा यह प्रतीकात्मक बन कर रह जाएगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications