स्पेक्ट्रम घोटाला: संसद में गतिरोध, जेपीसी पर अड़ा विपक्ष (लीड-2)
आरोपों से घिरे राजा ने रविवार रात इस्तीफा दे दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि इस मामले पर राजा का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है बल्कि इस पर जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए। इसी को लेकर सोमवार को कार्यवाही आरम्भ होते ही दोनों सदनों में हंगामा शुरू हो गया। इसी मसले पर बीते सप्ताह भी संसद की कार्यवाही बाधित हुई थी।
लोकसभा में भाजपा और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। हंगामा न थमता देख लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा। इस कारण सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा की स्थिति भी लोकसभा से अलग नहीं थी। परिणामस्वरूप सभापति हामिद अंसारी ने भी सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। कार्यवाही दोबारा आरम्भ होने पर हंगामा नहीं थमा। उपसभापति के. रहमान खान ने कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी। सरकार को आशा थी कि राजा के इस्तीफे के बाद विपक्ष सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देगा। परंतु ऐसा होता नहीं दिख रहा।
संसद के बाहर भी विपक्ष खासकर भाजपा ने भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के लिए जेपीसी के गठन की मांग दोहराई। दूसरी ओर सरकार ने जेपीसी की मांग फिलहाल खारिज कर दी। चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में राजा के इस्तीफे को अपर्याप्त बताते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
पटना में गडकरी ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "यह घोटाला एक लाख, 76 हजार करोड़ रुपये का है और इतना बड़ा घोटाला अकेले किसी एक मंत्री के बूते की बात नहीं है। इस मामले में मंत्री समूह, प्रधानमंत्री कार्यालय सहित कई और लेाग शाामिल होंगे।"
इधर, राष्ट्रमंडल खेलों के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ा मामला लोक लेखा समिति के पास जाएगा और इसका इंतजार किया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी हैं।
दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि भ्रष्टाचार के इन मामलों की जांच सिर्फ जेपीसी ही सही ढंग से कर सकती है। पार्टी के नेता चंदन मित्रा ने संवाददाताओं से कहा, "जेपीसी की जांच एजेंसियों की जांच से अलग होती है। सीबीआई से लोगों का विश्वास खत्म हो चुका है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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